हिंदी फिल्मों में गांव की गोरी और शहरी बाबू की नोकझोंक का अपना ही मजा रहा है. कभी देसी अंदाज में सजी लड़की अपने नखरों से शहर के लड़के को दीवाना बना देती है, तो कभी उसकी अदाएं देखकर बाबू साहब अपना दिल हार बैठते हैं. साल 2001 में आई फिल्म ‘छुपा रुस्तम' का गाना ‘तू निकला छुपा रुस्तम' भी कुछ ऐसा ही रंग लेकर आया था. ममता कुलकर्णी के अंदाज और अलका याग्निक की आवाज ने इस गाने को खास बना दिया. गाने में ममता कुलकर्णी का चुलबुला अंदाज और देसी अदाएं देखने को मिलती हैं. उनका नटखट अंदाज गाने के मिजाज के साथ खूब मेल खाता है. वहीं, अलका याग्निक की आवाज इसमें मिठास घोलती है.
‘छुपा रुस्तम' में ममता कुलकर्णी का था खास अंदाज
23 मार्च 2001 को रिलीज हुई ‘छुपा रुस्तम' एक रोमांटिक थ्रिलर फिल्म थी, जिसका निर्देशन अजीज सजावल ने किया था. फिल्म में संजय कपूर, मनीषा कोइराला और ममता कुलकर्णी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. संजय कपूर ने फिल्म में राजा और निर्मल का दोहरा किरदार निभाया था, जबकि ममता कुलकर्णी ने संध्या और मनीषा कोइराला ने निशा की भूमिका निभाई थी.
फिल्म की कहानी में प्यार के साथ धोखा, पहचान का रहस्य और दौलत की लालच भी शामिल थी. राजा एक छोटा-मोटा चोर था, जबकि निर्मल एक अमीर परिवार से ताल्लुक रखता था. दोनों की शक्ल एक जैसी थी और इसी समानता के कारण कहानी में कई दिलचस्प मोड़ आते हैं. संध्या और निर्मल की प्रेम कहानी भी फिल्म का अहम हिस्सा थी.
म्यूजिक ने भी खींचा था दर्शकों का ध्यान
‘तू निकला छुपा रुस्तम' के अलावा फिल्म के गानों में ‘ओ बंगला गाड़ी', ‘ये चांद कोई दीवाना है' और ‘प्यार में दिल तो' भी शामिल थे. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, फिल्म का बजट करीब 3.25 करोड़ रुपये था और इसने दुनियाभर में लगभग 9.47 करोड़ रुपये का कारोबार किया था. फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन करने वाली फिल्म बताया गया. हालांकि, फिल्म की कहानी से इतर इसके गानों ने भी अपनी पहचान बनाई.
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