करीब 32 साल पहले रिलीज हुई ‘1942: ए लव स्टोरी' आज भी हिंदी सिनेमा की यादगार और कल्ट क्लासिक फिल्मों में शुमार की जाती है. अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, मनीषा कोइराला, डैनी डेन्जोंगपा और प्राण जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म अब एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट रही है. 21 अगस्त को फिल्म 8K रिजॉल्यूशन और 5.1 डॉल्बी साउंड के साथ सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इस नए वर्जन को तैयार करने में करीब 9 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हुए हैं. हालांकि, एनडीटीवी से खास बातचीत में फिल्म के निर्देशक और निर्माता विदु विनोद चोपड़ा ने बताया कि जब यह फिल्म बनाई जा रही थी, तब इसका बजट करीब 12 लाख रुपये से थोड़ा ही ज्यादा था.
फिल्म के लिए पैसों की कमी
विदु विनोद चोपड़ा ने बताया कि फिल्म बनाने के दौरान उनके पास पैसे की काफी कमी थी. वह नितिन चंद्रकांत देसाई के साथ फिल्म के सेट के मॉडल पर चर्चा कर रहे थे. बजट कम होने की वजह से सेट में कई चीजें हटाई जा रही थीं. इसी दौरान वहां मौजूद जैकी श्रॉफ ने कहा कि इस गली से तो उन्हें भागना है, यह उनका शॉट है और इस घर के सामने भी उनका शॉट है, इसलिए इसे बनाया जाना चाहिए. जैकी ने कहा कि इसके लिए पैसे वह दे देंगे.
विदु ने बताया कि इस तरह जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर ने भी फिल्म बनाने के लिए पैसे दिए और कलाकारों के सहयोग से फिल्म का काम आगे बढ़ सका. उस दौर में इतने सीमित बजट में इतनी बड़ी फिल्म बनाना अपने आप में एक चुनौती थी.
सिर्फ एक दिन में शूट करना था फिल्म का क्लाइमैक्स
फिल्म के क्लाइमैक्स से जुड़ा किस्सा बताते हुए विदु विनोद चोपड़ा ने कहा कि इस दृश्य के लिए उन्हें बहुत बड़ी भीड़ चाहिए थी और पूरी भीड़ के साथ पूरा सीन शूट करना था. उनके पास इस शूट को पूरा करने के लिए सिर्फ एक दिन था. अगर शूटिंग अगले दिन तक खिंचती तो फिर से पैसों की समस्या खड़ी हो जाती. ऐसे में उन्होंने किसी भी तरह क्लाइमैक्स को उसी एक दिन में पूरा किया.
प्रीमियर में खुद जाकर बंद कर दिए थे सारे दरवाजे
फिल्म के प्रीमियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी विदु विनोद चोपड़ा ने साझा किया. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने फिल्म शुरू होते ही सिनेमाघर के दरवाजे बंद कर दिए थे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि हां, ऐसा हुआ था.
उन्होंने बताया, “हां, ये हुआ था. मैंने दरवाजे बंद कर दिए और मैं शीशे से देख रहा था. बहुत सारे लोग अपनी बड़ी-बड़ी गाड़ियों से उतर रहे थे और बाहर दरवाजे पर सिक्योरिटी को बोल रहे थे कि मैं ये हूं या मैं वो हूं, हमें अंदर जाने दो. लेकिन किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई.”
विदु ने आगे कहा कि वह उनकी फिल्म थी और जो इंसान समय पर नहीं आ सकता, वह उनकी फिल्म और समय की इज्जत नहीं करता. इसलिए उन्होंने खुद जाकर सारे दरवाजे बंद कर दिए थे.
‘1942: ए लव स्टोरी' आजादी की क्रांति की पृष्ठभूमि में पनपने वाली एक प्रेम कहानी थी. फिल्म में अनिल कपूर और मनीषा कोइराला की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. फिल्म के गीत जावेद अख्तर ने लिखे थे और संगीत आर.डी. बर्मन ने दिया था. ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा', ‘कुछ ना कहो' और ‘रिमझिम रिमझिम' जैसे गाने आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं. अब 32 साल बाद फिल्म का 8K और 5.1 डॉल्बी साउंड वर्जन नई तकनीक के साथ दर्शकों को बड़े पर्दे पर इसे दोबारा देखने का मौका देगा.
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