रवीश उवाच : राष्ट्रपति के निशाने पर कौन?

  • 4:50
  • प्रकाशित: जनवरी 27, 2014
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जब राष्ट्र के नाम संदेश दे रहे थे, तब सुनने वालों को लगा कि वह बिना नाम लिए आप-आप कर रहे हैं, लेकिन उनके भाषण को पढ़ें तो ऐसा प्रतीत होता है कि राष्ट्रपति एक ऐसी बात कह रहे हैं जो लागू सब पर होती है और सब उनकी बातों को सम्मान के नाम पर खारिज नहीं कर सकते।

संबंधित वीडियो