जब पूरी दुनिया युद्ध, भू‑राजनीति और महायुद्ध की आशंकाओं में उलझी है, ठीक उसी वक्त अमेरिका की सबसे सुरक्षित और गोपनीय लैब्स से जुड़े वैज्ञानिक रहस्यमय तरीके से गायब हो रहे हैं या संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो रही है. जून 2020 से अब तक कम से कम 10 वैज्ञानिक या तो लापता हो चुके हैं या उनकी मौतें ऐसे हालात में हुई हैं, जिनका आज तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है.
इन नामों में नासा, लॉस अलामोस न्यूक्लियर लैब, एयरोस्पेस और परमाणु हथियार शोध से जुड़े दिग्गज वैज्ञानिक शामिल हैं. मोनिका रेजा, जो नासा में एडवांस मटीरियल्स पर काम कर रही थीं, जंगल में टहलते वक्त गायब हो जाती हैं. मेलिसा कैसियम के लापता होते ही उनके सभी डिजिटल डिवाइसेज़ का डेटा रिमोटली डिलीट हो जाना कई सवाल खड़े करता है. वहीं रिटायर्ड एयरोस्पेस जनरल नील मैसलैंड, जिनके पास अमेरिकी रक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील राज़ थे, बिना फोन और किसी सुराग के अचानक ओझल हो जाते हैं.
हैरानी की बात यह नहीं कि ये घटनाएं हो रही हैं, बल्कि यह है कि अमेरिकी मीडिया का बड़ा हिस्सा इस मामले पर लगभग खामोश है. न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट जैसे अखबारों में इस पर बहुत सीमित चर्चा हुई है. वहीं ब्रिटिश मीडिया में इस मिस्ट्री को लेकर रिपोर्ट्स ज़रूर सामने आई हैं.
जब इस मुद्दे पर व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग में सवाल पूछा गया, तो प्रवक्ता ने कहा कि सरकार इन रिपोर्ट्स को गंभीरता से देख रही है. पूर्व FBI अधिकारियों और अमेरिकी सांसदों ने भी चेतावनी दी है कि यह इंटेलिजेंस वॉर का हिस्सा हो सकता है, जहां हथियारों से पहले दिमागों को निशाना बनाया जा रहा हो. सवाल यह है कि क्या दुश्मन देश अमेरिकी वैज्ञानिकों को टारगेट कर रहे हैं, या फिर इनके पास ऐसी जानकारियां थीं जो बाहर नहीं आनी चाहिए थीं.
क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है, या किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा? क्या अमेरिका के “ब्रेन” को चुपचाप खत्म किया जा रहा है? इस वीडियो में समझिए पूरी कहानी, सामने आए तथ्य और छिपे हुए संकेत.
इसी के बाद वीडियो में देश की संसद से जुड़ी एक और बड़ी खबर. संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पर ऐतिहासिक बहस. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने‑सामने हैं. सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष नीयत और टाइमिंग पर सवाल उठा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में साफ कहा कि महिला आरक्षण कोई चुनावी जाल नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को नीति‑निर्माण के केंद्र में लाने का संकल्प है. वहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे महिलाओं का अधिकार बताते हुए सरकार पर राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया.
एक वीडियो, दो बड़ी कहानियां. एक तरफ अमेरिका की खामोशी में छुपा रहस्य, दूसरी तरफ भारत की संसद में इतिहास रचने वाली बहस. पूरी जानकारी और विश्लेषण के लिए वीडियो अंत तक देखें.
रिपोर्ट: NDTV India