अमेरिका की ट्रेजरी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह रूस और ईरान के तेल पर दी गई छूट (US Sanctions Waivers) को अब रिन्यू नहीं करेगा। जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ा था, तब ग्लोबल ऊर्जा कीमतों को काबू करने के लिए यह अल्पकालिक छूट दी गई थी। इस छूट का सबसे बड़ा लाभार्थी भारत (India crude oil imports) था, जिसने हाल ही में लगभग 30 मिलियन बैरल रूसी तेल (Russian Oil) खरीदा और 7 साल बाद ईरानी कच्चे तेल (Iran Crude Oil) की डिलीवरी प्राप्त की। लेकिन अमेरिका में डेमोक्रेट्स (Democrats) के भारी विरोध और काटसा (CAATSA) के उल्लंघन के आरोपों के बाद ट्रम्प प्रशासन ने इस छूट को रद्द कर दिया है। इस वीडियो में सिद्धार्थ प्रकाश (Siddharth Prakash) से समझिए कि इस अमेरिकी फैसले (US Foreign Policy) का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा।