Trump Tariff: व्लादिमिर पुतिन..इस वक्त दुनिया की एक धुरी बने हुए हैं....और अगर उन्हें कोई रोक सकता है..इस जंग को खत्म करने का रास्ता अगर कहीं से निकलता है...तो उसे लेकर दो नाम सामने आ रहे हैं...भारत और चीन..यानी रूस के राष्ट्रपति पुतिन ... और प्रधानमंत्री मोदी...पुतिन मोदी के दोस्त है...और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की बात भी सुनते हैं...SCO समिट में ये तीनों नेता एक साथ एक ही फोरम पर दिखने वाले है.....रिश्तों की ये राउंड टेबल दुनिया के लिए...खासकर अमेरिका के लिए एक बड़ा मैसेज होगी..अमेरिका को ये बताने की कोशिश की जाएगी..कि दुनिया अब कारोबार के नाम पर..ट्रेड के नाम पर दादागीरी से नहीं चलेगी...दुनिया का दस्तूर अमेरिका तय नहीं करेगा..बल्कि ये वर्ल्ड ऑर्डर अब एशिया से तय होगा..और पीएम मोदी खुद इस बात को कह चुके हैं कि इक्कीसवीं सदी एशिया की है...वैसे भारत और चीन हैं...दुनिया की दो बड़ी शक्तियां...एक, दुनिया की प्रोडक्शन कैपिटल है...तो दूसरी युवा टैलेंट की खदान...दो ऐसे देश...जिसमें दुनिया की करीब तीस फीसदी आबादी रहती है....ऐसे दो मुल्क जिनकी अगर जीडीपी मिला दी जाए...तो दुनिया पीछे छूट जाए...सवाल है क्या अब पुराने संघर्षों को पीछे छोड़कर दोनों देश ..एक साथ दोस्ती की राह पर आगे बढेंगे...क्या ड्रैगन और हाथी की जोड़ी ..अमेरिका पर भारी पड़ेगी...सवाल ये भी है..कि चीन पर हम कितना भरोसा कर सकते हैं.