सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दहेज उत्पीड़न के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सास-ससुर के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सामान्य, अस्पष्ट और बिना किसी विशिष्ट घटना के हैं, तो केवल 'झगड़ा करने' को क्रूरता या दहेज उत्पीड़न नहीं माना जा सकता।