देश की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी और चौंकाने वाली अपडेट सामने आई है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. असम के मौजूदा मुख्यमंत्री की पत्नी को लेकर दिए गए बयान के मामले में पवन खेड़ा ने सर्वोच्च अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था. उम्मीद थी राहत मिलेगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने साफ कह दिया. गिरफ्तारी से कोई सुरक्षा नहीं. अग्रिम जमानत के लिए निचली अदालत ही फैसला करेगी.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पवन खेड़ा चाहें तो आज, कल या कभी भी असम की अदालत में जाकर आवेदन कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट की ओर से किसी तरह की अतिरिक्त मोहलत या प्रोटेक्शन देने से इनकार कर दिया गया है.
कानूनी तौर पर इसे पवन खेड़ा के लिए दो दिन में दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ सियासी पारा और चढ़ गया है.
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद से सड़क तक घमासान जारी है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी महिला आरक्षण की आड़ में बिना जनगणना परिसीमन लागू करना चाहती है. बीजेपी पलटवार कर रही है, कांग्रेस जवाब दे रही है. टीवी बहस गरमा चुकी है, संसद में राहुल गांधी के बयान का इंतज़ार है. एक तरफ अदालतों में कानूनी लड़ाई, दूसरी तरफ संसद में सियासी जंग. देश की राजनीति इस वक्त बेहद निर्णायक मोड़ पर खड़ी है.