अफगानी शरणार्थियों की हर तरह से मदद कर रही हैं कुछ संस्थाएं

बारह साल की निहाल अफगानिस्तान की हैं और अपनी मां के इलाज के सिलसिले में दिल्ली में रह रही हैं. निहाल ने बताया कि मेरे फादर नहीं हैं. मेरी मदर हैं, वो हाउस वाइफ हैं. गनीमत यह है कि कुछ संस्थाएं अफगानी लोगों की हर तरह से मदद कर रही हैं.

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