प्रयागराज के संगम तट पर मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस के बीच हुई झड़प ने नया मोड़ ले लिया है। प्रशासन ने नोटिस जारी कर उनके शंकराचार्य पद के दावे पर ही स्पष्टीकरण मांग लिया है। इस वीडियो में हम जानेंगे कि आखिर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट का क्या स्टैंड है, अखाड़ा परिषद उनका विरोध क्यों करती है और उनके छात्र राजनीति से शंकराचार्य बनने तक का पूरा सफर क्या रहा है।