अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मौलाना शहाबुद्दीन राजवी एक बार फिर विवादों में फंसते हुए नजर आ रहे हैं. इस बार वो नए साल पर मनाए जाने वाले जश्न को लेकर दिए अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. नए साल के जश्न को उन्होंने शरीयत के नजरिए से गलत बताया है. उनका कहना है कि इस्लामिक कैलेंडर मुहर्रम के महीने से शुरू होता है, इसलिए नए साल का जश्न एक जनवरी को मनाना शरियत-ए-इस्लामिया की रोशनी में नाजायज है.