हम ये जंग नहीं रुकवा सकते, लेकिन... खामेनेई की मौत पर उमर अब्दुल्ला ने क्या कह दिया

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  • प्रकाशित: मार्च 27, 2026

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में ईरान से जुड़े हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि जिस तरह एक “अवैध युद्ध” ईरान पर थोपा गया, वह पूरे मानवता के खिलाफ अपराध जैसा है. उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई, उनके कई सहयोगियों और करीबी रिश्तेदारों की हत्या “मानवता की हत्या” के समान है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है.

सीएम उमर अब्दुल्ला ने सदन में कहा कि उन्हें बताया जाता है कि ऐसे मुद्दों पर बात नहीं करनी चाहिए जो सीधे तौर पर हमें प्रभावित नहीं करते. लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि ईरान में फंसे हमारे कितने बच्चे और कितने नागरिक हैं, जो सीधे तौर पर हम सभी को प्रभावित करता है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों पर अपनी बात रखना पूरी तरह जायज है और सदन के हर सदस्य को इस पर चिंता जाहिर करने का अधिकार है.

सीएम ने केंद्र सरकार की विदेश नीति का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बार-बार यह दावा करती है कि भारत के अन्य देशों के साथ बेहतरीन कूटनीतिक संबंध हैं. ऐसे में उनका मानना है कि यदि यह सदन प्रधानमंत्री से अपील करे कि वे अपने पद की गरिमा और विश्व नेताओं के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का इस्तेमाल करते हुए इस संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त कराने की दिशा में पहल करें, तो यह एक सराहनीय कदम होगा.

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस तरह की अपील पर किसी को कोई आपत्ति होनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शांति स्थापित करने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके और क्षेत्र में हालात जल्द सामान्य हो सकें.