उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बयान में कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता और कोई भी हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर वातावरण खराब नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि मर्यादाओं का पालन सभी को करना होगा. मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि अगर वह शंकराचार्य थे तो वाराणसी में लाठीचार्ज क्यों किया गया था और FIR क्यों दर्ज हुई थी. उन्होंने कहा कि नैतिकता की बात करने वालों को पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए.