अंडरवर्ल्ड की 'G' कंपनी !.....90 का दशक... जब मुंबई की सड़कों पर डी-कंपनी का खौफ था। दाऊद, शकील और छोटा राजन... लैंडलाइन फोन पर फिरौती मांगते थे।...दहशत तब भी बहुत थी... लेकिन अब , खेल बदल चुका है।...वो देश से आगे बढ़कर ग्लोबल हो चुका है....आज का गैंगस्टर जेल में बैठकर 'इंटरव्यू' देता है, फेसबुक पर मर्डर की जिम्मेदारी लेता है और सात समंदर पार बैठकर हिंदुस्तान से लेकर दुनिया के किसी भी कोने में गोलियां चलवा देता है