मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं और दुनिया की नजरें इस वक्त ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर टिक गई हैं. सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले 24 से 48 घंटे में बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है. हाल के दिनों में सामने आई तस्वीरों और दावों ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है. ईरान से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला एंकर स्टूडियो में बंदूक के साथ नजर आ रही है. इतना ही नहीं, लाइव स्टूडियो में गोली चलाने जैसी गतिविधि भी दिखी. इसे कई लोग मनोवैज्ञानिक तैयारी और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं.
इसके साथ ही ईरान में महिलाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दिए जाने की तस्वीरें भी सामने आई हैं. ये संकेत दे रही हैं कि देश किसी भी संभावित संघर्ष के लिए अंदरूनी स्तर पर तैयारी कर रहा है.
दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं. इजरायली मीडिया के हवाले से दावा किया जा रहा है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी सैन्य विमान इजरायल पहुंचे हैं और हथियारों की आपूर्ति भी तेज की गई है.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि “ईरान के लिए समय तेजी से खत्म हो रहा है, उसे जल्द ही कोई ठोस फैसला लेना होगा, नहीं तो कड़े हमलों का सामना करना पड़ेगा.”
ट्रंप के इस बयान को सीधी धमकी के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है. ईरान के सुप्रीम लीडर के करीबी माने जाने वाले सलाहकार मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी दबाव जारी रहा, तो वे जवाब देने के लिए तैयार हैं.
रजाई ने यहां तक कहा कि अगर ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म नहीं हुई, तो ओमान सागर अमेरिकी सेना के लिए “कब्रगाह” बन सकता है. यह बयान साफ तौर पर तनाव के खतरनाक स्तर को दर्शाता है.
इस बीच समुद्र में कई जहाज फंसे होने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है. भारत के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी स्वीकार किया कि इन हालातों की वजह से शिपिंग रूट प्रभावित हो रहे हैं और नुकसान की आशंका बढ़ रही है.
कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट इस वक्त बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है. एक तरफ कूटनीतिक समाधान की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दूसरी ओर युद्ध के संकेत भी तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं.
अब सबकी नजर अगले कुछ घंटों पर है, जो तय कर सकते हैं कि स्थिति बातचीत से सुलझेगी या टकराव की ओर बढ़ेगी.