"गोपीनाथ बरदोलोई हमारे बहुत बड़े नेता थे। विभाजन के समय जब पूरा असम बांग्लादेश में जा रहा था, उन्होंने नेहरू जी का विरोध किया। लेकिन कांग्रेस ने उन्हें भारत रत्न नहीं दिया। अटल जी की सरकार में भाजपा ने गोपीनाथ बरदोलोई को भारत रत्न दिया।