प्राइम टाइम इंट्रो : नोटबंदी के बाद मेहनत की कमाई बचाने की लड़ाई

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  • प्रकाशित: मार्च 30, 2017
दिल्ली स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के बाहर जमा लोगों की दास्तान नोटबंदी की सियासी कामयाबी के सामने कुछ भी नहीं है. फिर भी जब ऐतिहासिक कामयाबी की किताब लिखी जाएगी तो उम्मीद है ये लोग फुटनोट्स में दर्ज किये जायेंगे. फुटनोट्स मतलब किताब के पन्नों के सबसे नीचे लिखी छोटी छोटी जानकारियां. रिजर्व बैंक के बाहर जमा लोगों को पता है कि पुराने नोट बदलने की समय सीमा कब की ख़त्म हो गई है. फिर भी हर रोज़ यहां कई लोग जमा हो जाते हैं. रिजर्व बैंक की तरफ ऐसे ताकते हैं जैसे भगवान की तरफ देख रहे हों. अब प्रभु की कृपा होगी और तब उनके 500 और 1000 के रद्दी हो चुके नोट सोना बन जाएंगे.

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