भारत आज अपने 'गोल्डन पंच' की बदौलत दुनिया भर की सुर्खियों में है. जीत के मंच पर तिरंगा लहराना जितना खूबसूरत दिखाई देता है, वहां तक पहुंचने का सफर उतना ही कठिन और संघर्ष भरा होता है. बात अगर कॉमनवेल्थ गेम्स की बॉक्सिंग रिंग की हो, तो वहां सिर्फ मुक्के नहीं चलते, बल्कि हर पंच के साथ करोड़ों भारतीयों की उम्मीदें भी दांव पर लगी होती हैं. इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने रिंग में उतरकर जो दमखम दिखाया, उसकी गूंज पूरी दुनिया ने सुनी. 7 स्वर्ण पदकों समेत कुल 10 पदक जीतकर भारतीय बॉक्सिंग टीम ने इतिहास रच दिया.