सपा वाले तो न्याय भी न दिला पाए...यूपी विधानसभा में योगी का भाषण, पूरा विपक्ष सन्न

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  • प्रकाशित: दिसम्बर 25, 2025

तो प्रदेश विधानसभा में कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जमकर बढ़ते है । उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा तो बांग्लादेश के मुद्दे पर भी विरोधियों को जमकर घेरा है । आपको सिलसिलेवार तरीके से सुनवाते है की किन किन मुद्दों पर कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निशाना साधा । आज से । पौने नौ वर्ष पहले समाजवादी पार्टी इस पक्ष में थी । और भारतीय जनता पार्टी उस पक्ष में थी । जो देश आप यहां पर दे रहे थे । यही उपदेश उस समय समाजवादी पार्टी के मुखिया को उस समय के सरकार के संचालकों को देय होते ना । तो संभवतः इस प्रदेश का भी कल्याण होता । हमने क्या किया है मैं उसके बारे में भी चर्चा करूँगा इसलिए मैं समाजवादी पार्टी से और विरोधी पक्ष से कहना चाहूँगा की तो इधर उधर की बात मत कर । यह तो बता की ये काफिला क्यों लूटा है । जो समाजवादी पार्टी तितर बितर हो गई । अस्त व्यस्त हो गई । इस पूरे प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा किया । अराजकता का जो तांडव खड़ा किया था । कौन इसके लिए दोषी था । हर व्यक्ति को इस बात का एहसास होता है । देश के अंदर कहीं जाते है लोगों के मन में एक एहसास होता है की हाँ उप सुरक्षित है अच्छा है दंगा नहीं है, अराजकता नहीं है । आपको उदाहरण देना है तो मैं आपको बता सकता हूँ । न्याय कैसे होता है । आप ही के सामने । आप ही की पार्टी से सदस्य चुनी गई पूजा पाल संभवता नहीं है । आपकी सदस्य थी आपने उन्हें न्याय नहीं दिला पाए । नहीं दिला पाए । क्योंकि हिम्मत नहीं थी । माफिया के सामने झुकना मजबूरी थी । आप उन गुंडों और माफियाओं के सामने । एक गरीब बेटे को न्याय नहीं दे सकते थे । जी जी । आप बात तो PDA की करते है क्या वो PDA की पार्ट नहीं थी । और न्याय कैसे होता है ये हमारी सरकार ने तय किया । बेटी उस पक्ष की होगी । इस पक्ष की उसको न्याय मिलेगा । हर हाल में न्याय मिलेगा और श्रीमती बिजमा यादव को भी मैंने बुलाया था । मैंने उनको कहा आपको सुरक्षा हम देंगे । आप चिंता की कोई बात नहीं । पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति ग्रामीण अभिलेख से संबंधित एक संशोधन विधेयक हम लोग इस सदन में लेकर आए थे । मैं सदन के प्रति आभार व्यक्त करूँगा की सदन ने पास किया लेकिन समाजवादी पार्टी ने प्रश्न खड़ा किया है । ये अभिलेख उन्हीं गरीबों के लिए है । कि जहाँ पर जिस गरीब का आवास होगा । आबादी की होगी । तो उस गरीब की परिवार की महिला सदस्य के नाम पे वो दर्ज होगा और उसका मालिकाना अधिकार उसको मिलेगा उसके नाम पे वो बैंक से जाके कर्ज भी ले सकती है । लेकिन लेकिन अगर उस आबादी की land पर या किसी सरकारी land पर कोई माफिया कब्जा करके जबरदस्ती उसको माल बना कर के । या कोई वसूली का अड्डा बनाकर के उसके माध्यम से अनैतिक और अवैध गतिविधियों का संचालन करके कोई छांगुर जैसा व्यक्ति वहाँ पे अनैतिक गतिविधियों का संचालन करेगा तो उसमें बुलडोजर भी चलेगा उसको भी कोई रोक नहीं सकता । ये जो बड़ी बड़ी बातें आप लोग करते हैं ना ये समाजवादी पार्टी का अहंकार है । जब व्यक्ति में अहंकार आता है तो कहता है कि मैंने ये कर दिया । लेकिन जब इसीलिए कोई आपको सम्मान नहीं देता समाजवादी पार्टी को । सत्रह के पहले प्रदेश के सामने ये पहचान के संकट से । प्रदेश तरसता था । समाजवादी पार्टी के कारण । लेकिन आज हर उत्तर प्रदेशवासी । सम्मान इसलिए प्राप्त कर रहा है क्योंकि काम सरकार की एक टीम कर रही है परिणाम है लेकिन दुनिया कह रही है की उप के अंदर अच्छा हो रहा है तो पूरा उत्तर प्रदेश सम्मान प्राप्त कर रहा है । यानी अहंकार । तब आता है जब । कहते हैं कि साहब हमने ये कर दिया लेकिन सम्मान तब पाते हैं जब दुनिया कहती है कि आपने अच्छा कर लिया और शिक्षा आयोग में भी उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड डीजीपी को बिठाया है कि जैसे माफिया की कमर तोड़ी गई है । नकल माफिया की कमर को भी वहां बैठ करके ऐसे तोड़ना है । क्योंकि नकल माफिया आदत तो आप लोगों ने खराब की थी । लेकिन उनकी आदत को सुधारने का काम क्योंकि जब भी कोई हकड़ी दिखाता है । तो उसकी हकड़ी को ठीक करने का काम भी सरकार का होना चाहिए और यही हमारे पद की शपथ भी है । एक सज्जन को सुरक्षा लेकिन दुर्जन को ठिकाना लगाने का काम है । परित्राणाय साधु विनाशाय चतुष्क यही तो है । और इसी के लिए बैठे हैं । भजन करने के लिए थोड़ा बैठे । दंगा तो आप लोग आपकी नीतियाँ दंगा कराते थे । दंगा तो आप ही लोग कराते थे । दंगाइयों को दंगाइयों को । और तो इसीलिए मैं कह रहा हूँ दंगा तो आप ही लोग कराते थे और । तो । बड़े मुश्किल नहीं खुराफात नहीं करते थे खुरापात को ठीक करवाते थे । उसकी डेंटिंग पेंटिंग करवाते थे थोड़ा । है । आपके समय में थानों में भय पलता रहा अपराधी । और माफी आपके खास रहे । ये बात आपकी सरकार के समय की कानून व्यवस्था से चरितार्थ होती रही है लेकिन आज प्रदेश के अंदर कोई वो नहीं है देखो । बहुत स्थिति आपके समय में था की वो यानी जाति के नाम पर बांटो । भाषा और क्षेत्र के नाम पर लड़ाओ । तुष्टिकरण को बढ़ाओ । अराजकता और वैमनस्यता पैदा करो । यही तो कर रहे थे । दंगे । जंगल राज माफिया राज । O district one माफिया, गुंडा टैक्स अवैध वसूली अभी तो मैंने शुरुवात की ये तो अभी शुरुवात है । सत्ता के संरक्षण में हम लोग खेलेंगे । नहीं ग्यारह वर्ष नहीं अभी तो आपको जो है दो हज़ार सैंतालीस तक इंतजार करना होगा अभी दो हज़ार । Yes चाहे जो कहिये । आज यानी उस समय हर एक तबके में असुरक्षा का वातावरण था । प्रदेश की छवि अराजकता की थी अस्थिरता की थी । और आज rule of law, आज उप के अंदर है । कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं है दंगाई ओह । दंगा कैसे होता है और दंगाई का उपचार कैसे होना है हाँ हाँ तो बरेली के मौलाना से पूछ लो । अब यहाँ ना कर्फ्यू है ना दंगा है । अब यूपी में सब ये है नया UP आप लोग तो हर को हर एक कार्य को आप वोट बैंक के नजरिए से देखते है । आपकी नियत है आप किसान को वोट बैंक की नज़र से देखते है इसलिए कुछ किए नहीं आप दलितों को वोट बैंक की निगाह से देखते है इसलिए कुछ बोलते नहीं । इसीलिए मैं कह रहा हूँ ना देखो बांग्लादेश में एक दलित नौजवान को कैसे जला दिया गया है । आप लोग गाजा पट्टी में होने वाले किसी भी उस पर आंसू बहाते है लेकिन आपकी जवान से एक शब्द नहीं निकल रहा है क्योंकि एक दलित नौजवान मारा गया बांग्लादेश में । और । उस नौजवान के मरने पर आपकी जवानी छिल चुकी है क्योंकि आप उसको केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं । ये राजनीति नहीं है । पांडे जी ये राजनीति नहीं है ये वो सच्चाई है । जो आपकी तुष्टिकरण की नीति है जिसके कारण बांग्लादेश बना है अगर बांग्लादेश । पाकिस्तान नहीं बना होता । इस तरीके से हिंदू नहीं जलाया होता और जलाता तो फिर उसकी क्या दुर्गति होती या वो भी जानता । कर । ये सुरक्षा की गारंटी । वहाँ मारे जा रहे है इनको आप लोग नहीं बोलेंगे । एक कैंडल मार्च निकाल के चलते हैं गांजा के मुद्दे को लेकर के । लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू मारा जाता है तो आपके मुँह बंद हो जाते हैं । क्योंकि मरने वाला । हिंदू है दलित है । आप बोलेंगे नहीं और यही सच्चाई है निंदा प्रस्ताव पारित होना चाहिए और ये प्रस्ताव नेता विरोधी दल की तरफ से आना चाहिए इस घटना की भर्त्सना करते है और बांग्लादेश । सरकार को इस बात की चेतावनी देता हूँ और इसीलिए हम कह रहे हैं नोट करना । नोट करना ये चीज़ें होनी चाहिए और हमारा भी प्रयास होना चाहिए जब बांग्लादेशी को यहाँ से निकालेंगे और रोहिंग्या को यहाँ से बाहर का रास्ता दिखाएँगे तो उनके समर्थन में मत आना ।

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