CBSE 12वीं के परीक्षा परिणामों में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) को लेकर कई बड़ी खामियां सामने आ रही हैं. कॉपियों की चेकिंग में टोटलिंग की गलतियां तो मिल ही रही हैं, साथ ही मार्किंग स्कीम के हिसाब से सही जवाब लिखने पर भी छात्रों को शून्य अंक दिए जा रहे हैं.
छात्रों और अभिभावकों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि अगर उत्तर हुबहू NCERT की किताब की रटी-रटाई भाषा में नहीं हैं, तो नंबर काटे जा रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि स्कूलों में अक्सर शिक्षकों द्वारा प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें पढ़ने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा, बोर्ड की इन गलतियों को सुधारने के लिए री-वैल्यूएशन और कॉपियों की फोटोकॉपी निकलवाने के नाम पर अभिभावकों से भारी-भरकम फीस वसूली जा रही है.
सीबीएसई की इन तकनीकी और मानवीय गलतियों का मानसिक व आर्थिक खामियाजा आखिर छात्र और उनके माता-पिता क्यों भुगतें? देखिए NDTV India के लिए रवीश रंजन शुक्ला की यह खास ग्राउंड रिपोर्ट.