गणतंत्र दिवस परेड 2026 में इस बार एक खास आकर्षण देखने को मिलेगा. भारतीय सेना की भैरव बटालियन पहली बार कर्तव्य पथ पर मार्च करेगी. यह बटालियन हाल ही में बनाई गई है और अपनी स्थापना के कुछ ही समय बाद इसे यह बड़ा अवसर मिला है. शुक्रवार को गणतंत्र दिवस की रीहर्सल के दौरान तेज बारिश के बावजूद भारतीय सेना की भैरव बटालियन का मार्चिंग दस्ता पूरे अनुशासन के साथ परेड करता हुआ दिखाई दिया. भैरव बटालियन नई, हाई-टेक क्विक रिएक्शन यूनिट्स हैं, जिन्हें नियमित पैदल सेना और विशेष बलों (Elite Forces) के बीच की क्षमता कॉर्डिनेशन बनाने के लिए तैयार किया गया है. ये यूनिट्स सीमावर्ती क्षेत्रों में तुरंत “आज ही लड़ने के लिए तैयार” (Fight Tonight) प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं और आधुनिक युद्ध तकनीकों जैसे ड्रोन, रियल-टाइम निगरानी और हाई-टेक उपकरणों का व्यापक रूप से उपयोग करती हैं.
क्यों खास है भैरव
भारतीय सेना के इन माहिर कमांडो के पास क्लोज कॉम्बैट के लिए AK-203 जैसे हथियार हैं, 1500 मीटर तक मार करने वाले स्नाइपर हैं और लंबी दूरी तक दुश्मन के बड़े हथियार को नष्ट करने वाले रॉकेट लॉन्चर भी हैं. यानी भैरव के योद्धा हर तरह के हथियारों से लैस हैं. यह बटालियन छोटे ऑपरेशन से लेकर उच्च जोखिम वाले मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है. इसे स्पेशल फोर्स और इंफ्रेंटी के बीच का गैप भरने के लिए तैयार किया गया है. इसे लाइट कमांडो फोर्स भी कहा जा सकता है जो कि बेहद फुर्तीली और घातक है. जिसे खासकर चीन और पाकिस्तान से लगी सीमा पर तेज और जोरदार अभियानों के लिए इसे डिजाइन किया गया है.