Bangladesh Hindus Attacked: Dhaka के 400 साल पुराने मंदिर में NDTV, जहां दीपू को दी गई श्रद्धांजलि

  • 4:57
  • प्रकाशित: दिसम्बर 27, 2025

बांग्लादेश में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देशभर में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं और भय का माहौल गहराता जा रहा है। हाल ही में ढाका के ऐतिहासिक ढाकेश्वरी मंदिर में हिंसा में मारे गए दीपू दास को श्रद्धांजलि दी गई। यह मंदिर हिंदू आस्था का प्रतीक और चार सौ साल पुराना धार्मिक स्थल है।


ढाकेश्वरी मंदिर: आस्था और चिंता का केंद्र

हमारे सहयोगी अंकित त्यागी ने ढाका के लालबाग इलाके से ग्राउंड रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने बताया कि ढाकेश्वरी मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि हिंदू समुदाय के लिए एकजुटता का प्रतीक भी बन गया है। हाल के हमलों के बाद यहाँ प्रार्थना सभाएँ आयोजित की गईं, जहाँ लोग भय और असुरक्षा पर चर्चा कर रहे हैं।

 

मंदिर के भीतर शाम की आरती से पहले बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। यहाँ पूजा-अर्चना के साथ-साथ समुदाय के लोग मौजूदा हालात पर विचार-विमर्श करते हैं। हालांकि, कई लोग मीडिया से खुलकर बात करने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 

सरकार की कोशिशें और सवाल

पिछले साल 24 नवंबर को बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने इसी मंदिर से संदेश दिया था कि सरकार हिंदुओं के साथ है। लेकिन इसके बावजूद हमले रुक नहीं पाए। बढ़ती अराजकता और चरमपंथ ने सरकार की नीयत और क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न केवल हिंदू, बल्कि अन्य अल्पसंख्यक समुदाय—जैसे ईसाई और बौद्ध—भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

संबंधित वीडियो