रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि में मकर संक्रांति के दिन एक असामान्य दृश्य देखने को मिला. अगस्त्य ऋषि मंदिर से विधिवत पूजा, वैदिक मंत्रोच्चारण और अनुष्ठान के बाद मुनि महाराज की चल विग्रह डोली लगभग 15 साल बाद दिवारा यात्रा के लिए निकाली गई थी. इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए 365 गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अगस्त्यमुनि पहुंचे. जैसे ही डोली मंदिर से आगे बढ़ी, पूरा इलाका “मुनि महाराज की जय” के जयकारों से गूंज उठा. श्रद्धालुओं में उत्साह साफ झलक रहा था. लेकिन उत्सव का माहौल कुछ ही देर में परेशानी में बदल गया.
गोल गेट बना बाधा, डोली रुकी, श्रद्धालु निराश
डोली जब अगस्त्यमुनि मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंची तो पता चला कि मैदान का गोल आकार वाला गेट मार्ग में आ रहा है. ऊंचाई और चौड़ाई कम होने के कारण डोली अंदर प्रवेश नहीं कर सकी. डोली के मैदान में पहुंचने का इंतजार कर रहे सैकड़ों लोग अचानक रुक गए और देखते ही देखते केदारनाथ हाईवे पर भारी भीड़ जुट गई. श्रद्धालुओं के बीच निराशा और गुस्सा बढ़ने लगा.
भीड़ में तनाव बढ़ा, प्रवेश द्वार तोड़ा गया
स्थिति तब बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने गेट को अवरोध मानते हुए खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया. कुछ ही मिनटों में तनाव और भी बढ़ गया और माहौल अव्यवस्थित हो गया. स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भीड़ को शांत करने में मशक्कत करनी पड़ी, जबकि डोली काफी समय तक वहीं मुख्य द्वार पर अटकी रही.