सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित जांच कमेटी को चुनौती दी गई है. 21 जुलाई 2025 को दोनों सदनों में एक ही दिन महाभियोग प्रस्ताव दिए गए थे. मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि जजेस इंक्वायरी एक्ट की धारा 3 के प्रोविजो के तहत, दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार होने पर ही संयुक्त कमेटी बन सकती है; राज्यसभा द्वारा 11 अगस्त को अस्वीकार करने पर लोकसभा की कमेटी अवैध है. अब इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम बात कही है. कोर्ट में क्या बहस हुई और सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, बता रहे हैं सीनियर एडिटर आशीष कुमार भार्गव