Tamas: दूरदर्शन के इस शो में दिखा था बंटवारे का दर्द, हिंदी के मशहूर उपन्यास पर था आधारित

Tamas: साल 1988 में दूरदर्शन पर एक सीरियल आया था, जिसने भारत और पाकिस्तान के विभाजन के दर्द को दिखाया था. ये टीवी सीरीज हिंदी के मशहूर उपन्यास पर आधारित थी.

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Tamas: दूरदर्शन की इस सीरीज को देखा तो विभाजन का दर्द देख कांप जाएगी रूह
नई दिल्ली:

Tamas: अस्सी के दशक के अंत से लेकर नब्बे के दशक तक दूरदर्शन पर एक से बढ़ कर एक सीरियल्स का राज रहा है. ये ऐसे सीरियल्स थे जो एकदम सॉलिड कंटेंट पर बेस्ड थे. जो रियल लाइफ की घटनाओं को छोटे परदे पर लेकर आते थे. ऐसा ही एक सीरियल था तमस. पहले तो तमस शब्द का मतलब जान लीजिए. इस शब्द का अर्थ है अंधेरा. देश पर छाए विभाजन के अंधियारे की सटीक कहानी कहने वाला शो था तमस. जो असल में एक उपन्यास पर बेस्ड था. इस उपन्यास को लिखा था हिंदी के लोकप्रिय लेखक भीष्म साहनी ने. जिसका एक-एक शब्द विभाजन के दर्द को बयां करता था.

अस्सी के दशक में दूरदर्शन पर हुआ था टेलीकास्ट

तमस शो का टेलीकास्ट दूरदर्शन पर साल 1988 में हुआ था. इस शो के एपिसोड्स को लिखा और डायरेक्ट किया था गोविंद निहलानी ने. इस शो ने उस दौर में तीन पुरस्कार जीते थे. शो को साल 1988 के नेशनल अवॉर्ड के तहत नरगिस दत्त अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीचर फिल्म ऑन नेशनल इंटीग्रेशन का अवॉर्ड मिला. शो की एक्ट्रेस सुरेखा सीकरी ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का खिताब जीता और वनराज भाटिया ने बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन के लिए अवॉर्ड हासिल किया. शो को साल 2013 में दोबारा हिस्ट्री चैनल पर दिखाया गया था. इस शो में ओम पुरी, पंकज कपूर, दीपा साही, सईद जाफरी, अमरीश पुरी, सुरेखा सीकरी जैसे कलाकार नजर आए थे.

यहां देखें पूरी टीवी सीरीज तमस

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भीष्म साहनी के हिंदी उपन्यास पर आधारित था तमस

तमस नाम का ये सीरियल भीष्म साहनी के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित था. भीष्म साहनी ने साल 1974 में इस उपन्यास को लिखा था. 1975 में इस उपन्यास ने साहित्य अकादमी अवॉर्ड भी जीता था. उपन्यास बंटवारे का दर्द सहने वाले परिवारों पर बेस्ड थी. जिसमें उस दौर में पनप रही सांप्रदायिकता और हिंसा का बखूबी वर्णन किया गया है जो रोंगटे खड़े कर देता है.

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