सेक्सुअल हरैसमेंट क्या होता है? विवादों के बीच शिल्पा शिंदे ने दिया ट्रोल्स को जवाब, कहा- मुझे यूट्यूब शुरू करना पड़ेगा

शिल्पा शिंदे ने नया वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि क्यों उन्होंने 9 साल पहले झूठा केस किया था. वहीं सेक्सुअल हरेसमेंट का मतलब भी बताया. 

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शिल्पा शिंदे ने बताया सेक्सुअल हरैसमेंट का मतलब
नई दिल्ली:

भाबीजी घर पर हैं एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं. हाल ही में भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के यूट्यूब पॉडकास्ट में उन्होंने शो के निर्माता संजय कोहली के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने को लेकर खुलासा किया कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे थे. इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है. वहीं हिना खान ने खुलकर इस मुद्दे पर आवाज उठाई और इस मामले में एक्ट्रेस के खिलाफ सख्त कदम उठाने की भी बात कही. हालांकि अब इस मामले को लेकर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप करने की अपील की. लेकिन एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने ट्रोलर्स और उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों को एक वीडियो शेयर करते हुए जवाब दिया है. 

शिल्पा शिंदे ने बताया क्यों किया झूठा केस

वीडियो में शिल्पा शिंदे कहती हैं, हैलो दोस्तों. मैं हूं शिल्पा शिंदे. ओह माय गॉड मुझे व्लॉग शुरू करना पड़ेगा बहुत जल्दी क्योंकि लोगों को ज्ञान की बहुत जरुरत है और कानून का ज्ञान देने के लिए मैं जरुर आऊंगी. आपको मेरा दो दिन का कोर्स ज्वॉइन करना पड़ेगा. डिसक्रिप्शन बॉक्स में मैं लिंक भेज दूंगी पेमेंट की. प्लीज पेमेंट कीजिए और कोर्स ज्वॉइन कीजिए. सेक्सुअल हरेसमेंट को जो हिंदी में डिसक्राइब करके रेप और शारीरिक शोषण बोल रहे हो ना तो उसको मैं मोटा मोटा बता दूं कि कानून में अगर मेरा को आर्टिस्ट मुझे टच करता है गंदा और मुझे वो फील होता है कि वो गंदा टच है तो उसके ऊपर भी मैं सेक्सुअल हैरसमेंट का केस कर सकती हूं. यह इसके केस में आता है. आपको इसके लिए पैसे मिले हैं ये आपकी रोजी रोटी है. इसलिए आप ये काम कर रहे हो तो प्लीज कीजिए. लेकिन सही ढंग से कीजिए और सचमुच के 9 साल से कोहली पर कितने जुल्म हुए हैं. कैसे उस इंसान ने 9 साल अपनी जिंदगी के बिताए. उसे आर्टिस्ट असोसिएशन ने बैन कर दिया. प्रोड्यूसर असोसिएशन ने बैन कर दिया. उसके घर वालों के साथ वो कैसे जिया. क्या हुआ उसका. इतनी जिल्लत सही. इसलिए आज मेरी सच्चाई के कीड़े उछल उछड़ के बाहर आए और उन्होंने सच्चाई बोल दी कि वो झूठ था. उसे छोड़ दीजिए. माफ कर दीजिए, जो हुआ उसे भूल जाइए. उस वक्त शायद बोलने से उन्होंने मना किया कि सच क्या है. अगर मैं उस वक्त बोलती कि वो झूठ था तो उन लोगों ने मेरे साथ क्या किया यह भी उनको बताना पड़ेगा. 

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शिल्पा शिंदे ने में बताया सेक्सुअल हरेसमेंट का मतलब

शिल्पा शिंदे ने अपने पोस्ट में कैप्शन दिया और लिखा, अपनी जॉब करते रहिए पीआर. लेकिन केस के बारे में गलत राय मत बनाइए. यौन उत्पीड़न(सेक्सुअल हरेसमेंट) किसी भी तरह का ऐसा अनचाहा यौन व्यवहार है, जिससे किसी व्यक्ति को असहज, डरा हुआ, अपमानित या बुरा महसूस हो. जैसे- बिना मर्जी के शारीरिक संपर्क, यौन टिप्पणी या मजाक, गलत मैसेज या तस्वीरें, बार-बार अनचाहे तरीके से नजदीकी बढ़ाने की कोशिश, यौन भावना जगाने वाले इशारे... इसलिए अपनी मनगढ़ंत थ्योरी फैलाना बंद करें. जागो ग्राहक जागो. इस पोस्ट के साथ उन्होंने संजय कोहली को भी टैग किया है. 

शिल्पा शिंदे के खिलाफ उठी कार्रवाई की मांग

एआईसीडब्ल्यूए ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ‘भाभीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर लगाए गए कथित झूठे यौन उत्पीड़न के मामले में अभिनेत्री शिल्पा शिंदे के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर बयान जारी किया. सिने वर्कर्स ने पोस्ट के जरिए कहा, कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के पॉडकास्ट में शिल्पा शिंदे के बयान को फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है. संगठन का कहना है कि यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा, परिवार, बच्चों, करियर और मानसिक स्वास्थ्य को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे झूठे आरोप न सिर्फ आरोपी व्यक्ति की छवि हमेशा के लिए खराब कर देते हैं, बल्कि उनके पूरे परिवार को भी गंभीर परेशानी में डाल देते हैं. संगठन का मानना है कि जानबूझकर झूठे आरोप लगाने से असली पीड़ितों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है. इससे सच्ची शिकायत करने वाले पीड़ितों पर भी शक किया जाने लगता है, जिससे बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री में असली उत्पीड़न के मामलों में न्याय मिलना मुश्किल हो जाता है. एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि सभी महिलाएं झूठे आरोप नहीं लगातीं. फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री में हजारों महिलाओं ने वाकई उत्पीड़न और शोषण का सामना किया है. वे समर्थन और न्याय की हकदार हैं. किसी एक व्यक्ति की गलत हरकत का इस्तेमाल असली पीड़ितों के अनुभवों को कमजोर करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. 

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