बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया हर किसी को अपनी ओर खींचती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इस चमक को छोड़कर अपनी अलग राह चुनते हैं. शाहरुख खान के साथ काम कर चुके अभिनेता और फिल्ममेकर राहुल वोहरा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. एक्टिंग और फिल्मों की दुनिया में सालों काम करने के बाद राहुल ने बॉलीवुड को अलविदा कहा और दोस्तों के साथ मिलकर फूड स्टार्टअप द क्रॉफ्ल गाइज की शुरुआत की. शार्क टैंक इंडिया 5 में इस ब्रांड की एंट्री ने उन्हें रातोंरात बिजनेस की दुनिया में पहचान दिला दी और करोड़ों की फंडिंग भी मिली.
शाहरुख खान के साथ विज्ञापन में किया काम
राहुल वोहरा ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म इंडस्ट्री से की थी. उन्होंने शाहरुख खान के साथ एक बड़े विज्ञापन में काम किया और करीब नौ साल तक डायरेक्टर कबीर खान के साथ जुड़े रहे. इस दौरान उन्होंने इंटर्न से लेकर असिस्टेंट डायरेक्टर और फिर को-डायरेक्टर तक का सफर तय किया. शादी के बाद राहुल ने महसूस किया कि अब जिंदगी में कुछ नया और स्टेबल करने का वक्त है. इसी सोच के बीच दोस्तों के साथ थाईलैंड ट्रिप पर उन्हें एक नए फूड आइडिया की झलक मिली.
स्टॉल से शुरू हुई द क्रॉफ्ल गाइज की कहानी
द क्रॉफ्ल गाइज की शुरुआत किसी बड़े कैफे या रेस्टोरेंट से नहीं हुई. शुरुआत में टीम छोटे-छोटे स्टॉल्स लगाकर लोगों को क्रॉफ्ल खिलाती थी. उस समय लोगों के लिए ये शब्द बिल्कुल नया था. राहुल और उनकी टीम खुद आगे बढ़कर लोगों को समझाते थे और फ्री सैंपल देते थे. धीरे-धीरे लोगों को इसका स्वाद पसंद आने लगा और वही लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ दोबारा लौटने लगे. यहीं से इस ब्रांड को असली ताकत मिली.
शार्क टैंक इंडिया 5 से मिली बड़ी पहचान
शार्क टैंक इंडिया 5 में द क्रॉफ्ल गाइज ने 1 करोड़ रुपये के बदले 1 फीसदी इक्विटी की मांग रखी थी. शो में कुणाल बहल और मोहित यादव ने 2.5 करोड़ रुपये की फंडिंग दी, वो भी 5 फीसदी इक्विटी के बदले. इस डील के बाद ब्रांड की पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ी. राहुल के मुताबिक शो के बाद स्टोर्स की बिक्री में करीब 30 फीसदी का इजाफा हुआ है और सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है.
आगे क्या है द क्रॉफ्ल गाइज का प्लान
राहुल और उनकी टीम अब इस ब्रांड को देशभर में फैलाने की तैयारी कर रही है. नए स्टोर्स खोलना, सीनियर मैनेजमेंट को जोड़ना और मजबूत सिस्टम बनाना उनकी प्रायोरिटी है. उनका सपना है कि क्रॉफ्ल को भारत में एक नई ब्रेड कैटेगरी के तौर पर पहचान दिलाई जाए.