टीवी की दुनिया में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो सालों बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा रहते हैं और विभीषण उन्हीं में से एक थे. रामानंद सागर की रामायण में इस भूमिका को निभाने वाले मुकेश रावल ने अपनी एक्टिंग से घर-घर पहचान बनाई थी. शांत चेहरा, मजबूत संवाद और असरदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें अलग पहचान दी. लेकिन किसे पता था कि लोगों को मोटिवेट करने वाला ये कलाकार एक दिन ऐसी खबर बन जाएगा, जिसे सुनकर हर कोई सन्न रह जाएगा.
रामायण से मिली पहचान
मुकेश रावल थिएटर की दुनिया का बड़ा नाम थे. उन्होंने कई नाटकों में काम किया और मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ी. लेकिन असली पहचान उन्हें रामानंद सागर की रामायण से मिली. विभीषण का किरदार उन्होंने सिर्फ निभाया नहीं, बल्कि जी लिया. शो के मेकर्स ने भी उनकी एक्टिंग देखकर ये रोल उन्हें ऑफर किया था. इस किरदार ने उन्हें ऐसी लोकप्रियता दिलाई कि लोग उन्हें उनके असली नाम से कम और विभीषण के नाम से ज्यादा पहचानने लगे.
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ऑडिशन से मिला बड़ा मौका
रिपोर्ट्स के मुताबिक मुकेश रावल ने पहले मेघनाद के रोल के लिए ऑडिशन दिया था. उसी दौरान उनका विभीषण के किरदार के लिए भी टेस्ट लिया गया. मेकर्स को उनकी पर्सनालिटी और डायलॉग डिलीवरी इतनी पसंद आई कि उन्हें तुरंत फाइनल कर लिया गया. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. रामायण के बाद उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया.
2016 में हुई रहस्यमयी मौत
साल 2016 में एक ऐसी खबर आई जिसने टीवी इंडस्ट्री को हिला दिया. मुकेश रावल की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली. शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे हादसा नहीं बल्कि सुसाइड का मामला बताया. सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स ट्रेन के सामने जाता दिखा था. ये खबर सामने आते ही हर कोई हैरान रह गया.
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परिवार ने उठाए सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परिवार ने सुसाइड की आशंका को खारिज किया. उनका कहना था कि एक्टर सुबह बैंक से पैसे निकालकर ऑफिस जाने वाले थे. लेकिन वो ऑफिस भी नहीं पहुंचे और ना ही घर लौटे. इसके बाद उनकी मौत की खबर आई. परिवार आज भी इस मामले को रहस्य मानता है.