स्टार प्लस के पॉपुलर शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में इस समय कहानी एक बेहद भावनात्मक और चौंकाने वाले मोड़ से गुजर रही है, जहां तुलसी का एक फैसला विरानी परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकता है. दरअसल, अपने ही बेटे अंश को गोली मारने के अपराधबोध से घिरी तुलसी रियांश को अपने घर लेकर आती है, बिना यह जाने कि उसकी मौजूदगी परिवार के कुछ सदस्यों को किस हद तक प्रभावित करने वाली है. केवल मिहिर, करण और नंदिनी ही रियांश की असली पहचान और अंश से उसके संबंध के बारे में जानते हैं. लेकिन उसके घर में कदम रखते ही पुराने जख्म, दर्दनाक यादें और अनसुलझे भावनात्मक घाव फिर से उभरने लगते हैं.
तुलसी का फैसला नंदिनी के लिए बना मुसीबत
नंदिनी के लिए रियांश की मौजूदगी सबसे अधिक बेचैन करने वाली साबित होती है, क्योंकि उसका चेहरा हूबहू अंश से मिलता है. वही अंश जिसने उसकी शांति छीन ली थी और उसे वर्षों का गहरा मानसिक आघात दिया था. स्थिति को और जटिल यह बात बनाती है कि परिवार के बाकी सदस्य इस बात से पूरी तरह अनजान हैं कि बंद दरवाजों के पीछे भावनाओं का कितना बड़ा तूफान उमड़ रहा है.
विरानी परिवार में आएगा तूफान
रियांश की विरानी परिवार में एंट्री से पुराने घाव फिर से हरे होने लगते हैं और विरानी परिवार में भावनाएं उफान पर पहुंचती हैं. लेकिन बड़ा सवाल सबके सामने खड़ा है कि क्या रियांश का आगमन तुलसी के अपराधबोध को कम करेगा, या फिर उन जख्मों को दोबारा खोल देगा जिन्हें यह परिवार वर्षों से भूलने की कोशिश कर रहा था? वहीं अंश के सामने उसके पिता का सच सामने आएगा या नहीं?
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