दूरदर्शन (Doordarshan) के दौर की बात ही कुछ और थी, जब कहानियां दिल से बनती थीं और सीधे दिल तक पहुंचती थीं. उस समय ना बड़े सेट होते थे और ना ही भारी-भरकम तकनीक, लेकिन फिर भी कुछ शो ऐसे बने जो आज भी याद किए जाते हैं. ऐसा ही एक सीरियल था ‘यात्रा', जिसने अपनी अनोखी सोच से सबको चौंका दिया था. सोचिए, एक पूरा सीरियल जो स्टूडियो में नहीं बल्कि चलती ट्रेन में शूट हुआ हो. यही वजह थी कि ये शो उस दौर में अलग पहचान बना गया और आज भी इसकी चर्चा होती है. हम बात कर रहे हैं सीरियल यात्रा (Serial Yatra) की.
क्या था इस शो की खासियत
‘यात्रा' कोई आम सीरियल नहीं था, बल्कि ये जिंदगी के सफर को कहानियों के जरिए दिखाने वाला शो था. साल 1986 में दूरदर्शन पर आया ये शो सिर्फ 15 एपिसोड का था, लेकिन हर एपिसोड अपने आप में एक नई कहानी लेकर आता था. इसे मशहूर डायरेक्टर श्याम बेनेगल ने बनाया था, इसलिए इसकी क्वालिटी और प्रेजेंटेशन दोनों ही शानदार थे.
जब ट्रेन बनी शूटिंग का सेट
दूरदर्शन के इस शो की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन थी. इसकी शूटिंग हिमसागर एक्सप्रेस और त्रिपुरा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में की गई थी. हिमसागर एक्सप्रेस भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में गिनी जाती है. चलती ट्रेन में शूटिंग करना आसान नहीं था, लेकिन इसी चैलेंज ने इस शो को खास बना दिया.
दमदार कलाकारों ने बढ़ाया असर
इस शो में ओम पुरी, नीना गुप्ता, रघुवीर यादव, ईला अरुण और हिमानी शिवपुरी जैसे कलाकार नजर आए थे. इन सभी ने अपनी शानदार एक्टिंग से हर कहानी को बेहतरीन बना दिया था. यही वजह है कि ये शो आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है.
आज भी क्यों खास है ये शो
इतने सालों बाद भी ‘यात्रा' की लोकप्रियता कम नहीं हुई है. IMDb पर इसे 7.3 की रेटिंग मिली है, जो ये बताती है कि ये शो आज भी दर्शकों को पसंद आता है. अगर आप कुछ अलग और क्लासिक देखना चाहते हैं, तो ये शो आपके लिए परफेक्ट है.
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