10 हजार किताबें, 144 सेट, 500 कलाकार और 15 इतिहासकारों की मदद से बना था दूरदर्शन का यह शो, पंडित जवाहरलाल नेहरू से है कनेक्शन

इस ऐतिहासिक धारावाहिक को बनवाने में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अहम भूमिका मानी जाती है. उस समय टीवी पर रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य धारावाहिक प्रसारित हो रहे थे.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
500 कलाकार और 15 इतिहासकारों की मदद से बना था दूरदर्शन का यह शो
नई दिल्ली:

भारतीय टेलीविजन ने अपने लंबे इतिहास में कई यादगार धारावाहिक दिए हैं, जिन्होंने मनोरंजन के साथ-साथ शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता भी बढ़ाई. इन्हीं में से एक है श्याम बेनेगल का भारत एक खोज, जिसने भारतीय इतिहास को रोचक तरीके से दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया. ‘भारत एक खोज' का आधार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की फेमस किताब द डिस्कवरी ऑफ इंडिया थी. इस किताब में सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर भारत की आजादी तक के लगभग 5000 सालों के इतिहास की डिटेल्ड जानकारी है. इसी ऐतिहासिक कंटेंट को टीवी पर उतरना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी, जिसे श्याम बेनेगल ने सफलतापूर्वक पूरा किया.

राजीव गांधी की पहल से शुरू हुआ प्रोजेक्ट

इस ऐतिहासिक धारावाहिक को बनवाने में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अहम भूमिका मानी जाती है. उस समय टीवी पर रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्य धारावाहिक प्रसारित हो रहे थे. ऐसे में राजीव गांधी चाहते थे कि भारत के वास्तविक इतिहास पर आधारित एक कार्यक्रम भी बनाया जाए. इसी सोच से ‘भारत एक खोज' की शुरुआत हुई.

तीन साल की रिसर्च और लंबी शूटिंग

इस सीरियल को तैयार करने के लिए करीब साढ़े तीन साल तक गहन रिसर्च की गई. इसमें 10 लेखकों और 22 इतिहासकारों की टीम ने काम किया. शूटिंग में लगभग 20 महीने का समय लगा और 500 से ज्यादा कलाकारों ने इसमें एक्टिंग की. इतिहास को सही रूप में दिखाने के लिए मेकर्स ने देश के कई संस्थानों की मदद ली, जिनमें आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) भी शामिल था. कलाकारों की वेशभूषा, संगीत और सेट डिजाइन तक हर चीज पर महीनों तक रिसर्च की गई थी.

144 सेट पर जीवंत हुआ इतिहास

सीरियल में हड़प्पा सभ्यता से लेकर 19वीं सदी तक के दौर को दिखाने के लिए कुल 144 सेट बनाए गए थे. इसके लिए तीन अलग-अलग यूनिट बनाई गई थीं, जिसमें एक ऐतिहासिक स्थलों और खंडहरों की शूटिंग करती थी, दूसरी कला और कलाकृतियों को कवर करती थी, जबकि तीसरी यूनिट उस दौर को जीवंत करने का काम करती थी.

Advertisement

53 एपिसोड तक चला ऐतिहासिक सफर

‘भारत एक खोज' 1988 से 1989 के बीच हर रविवार सुबह प्रसारित होता था. कुल 53 एपिसोड की इस सीरीज ने भारतीय इतिहास को एक नए नजरिए से प्रस्तुत किया. इस धारावाहिक ने न केवल राजनीतिक घटनाओं को दिखाया, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक धाराओं को भी सामने लाकर दर्शकों को भारत की विविधता और विरासत से रूबरू कराया.

Featured Video Of The Day
Iran Dancing Missile Attack: Israel के Iron Dome को तबाह करने वाली Sejjil Missile | Middle East War