भाभी जी घर पर हैं एक्टर बोले- छठ का प्रसाद खाता हूं तो ऐसे लगता है जैसे अमृत का स्वाद ले रहा हूं

सानंद वर्मा इस साल मुंबई में अपने रिश्तेदारों और करीबियों के साथ छठ मना रहे हैं. इस मौके पर उन्होंने छठ पर्व और इसके प्रसाद के महत्व पर बात की.

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छठ पर्व पर बोले भाबी जी घर पर हैं एक्टर...
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नई दिल्ली:

लोक आस्था के महापर्व छठ पर टेलीविजन जगत के कई सेलेब्स इस दिव्य उत्सव से जुड़ी अपनी यादों के बारे में बात कर रहे हैं. लोकप्रिय धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं' में डॉ. अनोखेलाल सक्सेना का किरदार निभाने वाले ​​सानंद वर्मा ने भी छठ पूजा के महत्व पर बात की. सानंद वर्मा ने कहा कि जब भी वह छठ का प्रसाद खाते हैं तो ऐसा लगता है कि अमृत का स्वाद ले रहे हैं.

​​सानंद वर्मा ने कहा, "मेरा मानना ​​है कि छठ पूजा दुनिया का सबसे पवित्र त्योहार है. मैंने इससे पवित्र कुछ भी नहीं देखा. इस त्योहार के दौरान बुरे लोग भी अपने आप को बेहतर बना लेते हैं. वे गरीबों की मदद करते हैं, आसपास की सफाई करते हैं, और नदियों को शुद्ध करने में भाग लेते हैं. पूरा वातावरण सकारात्मक हो जाता है और सारी नकारात्मकता दूर हो जाती है."

उन्होंने कहा, "जब भी मैं छठ मां के गीत सुनता हूं, मेरी आंखों से आंसू बह निकलते हैं. जब मैं प्रसाद खाता हूं तो ऐसा लगता है जैसे अमृत का स्वाद ले रहा हूं. यह त्योहार बहुत ही शक्तिशाली और दिव्य है. हालांकि, मैं इस बार मुंबई में अपने रिश्तेदारों के साथ छठ पूजा मना रहा हूं, लेकिन मुझे बिहार में अपने घर पर पारंपरिक उत्सवों की बहुत याद आती है. सभी प्रसादों में मेरा पसंदीदा प्रसाद ठेकुआ है, जो गुड़, घी और गेहूं के आटे से बनता है, जो सादगी, भक्ति और मिठास का प्रतीक है और छठ पूजा के सार को पूरी तरह से दर्शाता है."

टीवी अभिनेत्री ऋचा सोनी, जो बहुत जल्द आगामी शो ‘घरवाली पेड़वाली' में रीटा की भूमिका में दिखाई देंगी, ने भी छठ पूजा के आध्यात्मिक महत्व के बारे में बात की. उन्होंने कहा, "छठ पूजा का मेरे दिल में हमेशा से एक खास स्थान रहा है. मैं अपनी मां और मौसियों को ठेकुआ बनाने से लेकर डूबते और उगते सूरज को अर्घ्य देने तक, पूरी श्रद्धा से ये अनुष्ठान करते हुए देखती रही हूं. छठ के दौरान का माहौल सचमुच दिव्य होता है, जो पवित्रता, अनुशासन और कृतज्ञता से भरा होता है."

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उन्होंने कहा, "बचपन में हम अर्घ्य के बाद प्रसाद ग्रहण करने के पल का बेसब्री से इंतजार करते थे. पूजा के दौरान चढ़ाए जाने वाले फल हमेशा से मेरे सबसे पसंदीदा रहे हैं. छठ पूजा एक ऐसा अहसास है जो मुझे मेरी जड़ों, मेरी आस्था और मेरे परिवार से गहराई से जोड़ता है."
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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