जिम्बाब्वे ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में आईसीसी विश्व कप-2011 के ग्रुप 'ए' के अपने अंतिम लीग मैच में केन्या को 161 रन से हरा दिया।
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कोलकाता:
पहले अपने बल्लेबाजों और फिर अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बूते जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम ने ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को खेले गए आईसीसी विश्व कप-2011 के ग्रुप 'ए' के अपने अंतिम लीग मैच में केन्या को 161 रनों से हरा दिया। 66 रनों की शानदार पारी खेलने वाले जिम्बाब्वे के क्रेग एर्विन को मैन ऑफ द मैच चुना गया। ग्रुप 'ए' के इस अंतिम मुकाबले में जिम्बाब्वे की ओर से रखे गए 309 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए केन्याई टीम 36 ओवरों में 147 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। केन्या की ओर से नेहेमिया ओधियाम्बो ने सर्वाधिक 44 रन बनाए। इसके अलावा राकेप पटेल ने 24 और एलेक्स ओबान्दा ने 23 रन जोड़े। जिम्बाब्वे की ओर से ग्रीम क्रेमर, ग्रेग लैम्ब और रे प्राइस ने दो-दो सफलता हासिल की। प्रास्पर उत्सेया और क्रिस मोफू को भी एक-एक विकेट मिला। इस तरह जिम्बाब्वे ने 2011 विश्व कप में दो जीत के साथ अपना सफर समाप्त किया। उसने इससे पहले कनाडा को 175 रनों से पराजित किया था। ग्रुप की सभी बड़ी टीमों-न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और श्रीलंका से उसे हार मिली थी। केन्या को अपने सभी छह लीग मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 308 रन बनाए। जिम्बाब्वे की ओर से विकेटकीपर बल्लेबाज तातेंदा ताएबू, वीशू सिबांडा और एर्विन ने शानदार अर्द्धशतक लगाए। ताएबू ने 74 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 53 रन बनाए जबकि सिबान्दा के बल्ले से 57 गेंदों पर सात चौकों और एक छक्के की सहायता से 61 रन निकले। एर्विन ने 54 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 66 बेहतरीन रन जुटाए। इसके अलावा कप्तान एल्टन चिगुम्बुरा ने 38 रन बनाए। चिगुम्बुरा ने 41 गेंदों पर तीन चौके और दो छक्के जड़े। केन्या की ओर से एलिजाह ओटिएनो ने सर्वाधिक दो विकेट झटके जबकि पीटर ओनगोन्डो, नेहमिया औधियाम्बो और जेम्स नगोचे को एक-एक विकेट से संतोष करना पड़ा।
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