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This Article is From Jul 06, 2015

'चक दे' गाने के साथ मैदान में उतरती है 'सफल' भारतीय महिला हॉकी टीम

'चक दे' गाने के साथ मैदान में उतरती है 'सफल' भारतीय महिला हॉकी टीम
नई दिल्ली: बेल्जियम में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम देश लौटी तो खिलाड़ियों का शानदार स्वागत किया गया। 36 साल बाद महिला हॉकी टीम ओलिंपिक में खेलने के करीब पहुंच गई है। आख़िरी बार भारतीय टीम ने 1980 में ओलिंपिक में हिस्सा लिया था।

बेल्जियम में खेली गई वर्ल्ड हॉकी लीग सेमीफ़ाइनल में महिला हॉकी टीम पांचवे नंबर पर रही। रियो ओलिंपिक में क्वॉलिफ़ाई करने के लिए टीम को कम से कम पांचवे नंबर पर रहना था। हालांकि टीम को अभी रियो का टिकट नहीं मिला है। अब ओलिंपिक का टिकट दूसरी टीमों के प्रदर्शन पर निर्भर है और भारत को अक्टूबर तक इंतजार करना पड़ेगा।

भारत लौटने के बाद टीम एनडीटीवी के स्टूडियो आयी। कप्तान रितू रानी का कहना है कि इस टीम में जीत की बड़ी भूख है, इसलिए टीम आगे बढ़ रही है। आख़िरी मैच में जापान के ख़िलाफ़ 7 गोल बचाने वाली सविता पूनिया कहती हैं कि टीम में गज़ब की एकजूटता है। नतीज़े मैदान पर दिख रहे हैं।

भारत की तरफ से सबसे ज़्यादा गोल करने वाली हरियाणा की रानी रामपाल ने एनडीटीवी से दिल की बात साझा की। मां-बाप को खेलने के लिए मनाने और यहां तक पहुंचने का सफर उनके लिए बड़ा मुश्किल भरा रहा है। 2016 में होने वाले रियो ओलिंपिक के लिए टीम क्वॉलिफ़ाई कर जाए तब ही वे मेहनत सफ़ल मानेंगी।

भारतीय महिला हॉकी टीम 'चक दे' गाने के साथ मैदान पर उतरती है। एक-दूसरे का हौसला बढ़ाने के लिए फ़िल्म के डॉयलॉग का सहारा भी लेती हैं।

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