फेल्प्स ने इतिहास रचते हुए ओलम्पिक खेलों में अपना 22वां स्वर्ण पदक हासिल किया था
रियो डी जनेरियो:
डोपिंग की दोषी पाई जा चुकीं रूस की महिला तैराक यूलिया एफिमोवा ने दिग्गज अमेरिकी तैराक माइकल फेल्प्स की ओलिंपिक स्पर्धा वाले दिन मारिजुआना और शराब का सेवन करने को लेकर आलोचना की है. उल्लेखनीय है कि फेल्प्स ने इतिहास रचते हुए गुरुवार को ओलम्पिक खेलों में अपना 22वां स्वर्ण पदक हासिल किया था.
एफिमोवा ने रियो ओलिंपिक में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद संवाददाता सम्मेलन में फेल्प्स पर निशाना साधा. गौरतलब है कि एफिमोवा पर 2013 में डोपिंग का दोषी पाए जाने के बाद 16 महीनों का प्रतिबंध लगा था.
रियो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक विजेता महिला तैराक लिली किंग द्वारा एफिमोवा पर की गई छींटाकशी के बारे में पूछे जाने पर एफिमोवा ने बात का रुख फेल्प्स की ओर मोड़ दिया और कहा, ‘निश्चित तौर पर मुझ पर डोपिंग के लिए प्रतिबंध नहीं लगा था और मैंने जानबूझकर कभी ऐसा किया भी नहीं. लेकिन मुझे पता है कि कई लोग अक्सर ऐसा इसलिए कर जाते हैं क्योंकि या तो उन्हें जानकारी नहीं होती या वे बहुत बेवकूफ होते हैं.’
एफिमोवा का यह बयान रियो ओलम्पिक में आने वाले दिनों में अमेरिकी दल को और उकसाएगा, जो पहले ही डोपिंग के आरोपों को लेकर रूसी खिलाड़ियों पर निशाने साधता रहा है.
उल्लेखनीय है कि फेल्प्स की हुक्का पीते हुए तस्वीर सामने आने के बाद अमेरिकी तैराकी संघ ने 2009 में उन पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद फेल्प्स मादक पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाते पकड़े गए थे, जिसके चलते उन पर फिर छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया. हालांकि फेल्प्स कभी भी डोपिंग के दोषी नहीं पाए गए.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
एफिमोवा ने रियो ओलिंपिक में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद संवाददाता सम्मेलन में फेल्प्स पर निशाना साधा. गौरतलब है कि एफिमोवा पर 2013 में डोपिंग का दोषी पाए जाने के बाद 16 महीनों का प्रतिबंध लगा था.
रियो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक विजेता महिला तैराक लिली किंग द्वारा एफिमोवा पर की गई छींटाकशी के बारे में पूछे जाने पर एफिमोवा ने बात का रुख फेल्प्स की ओर मोड़ दिया और कहा, ‘निश्चित तौर पर मुझ पर डोपिंग के लिए प्रतिबंध नहीं लगा था और मैंने जानबूझकर कभी ऐसा किया भी नहीं. लेकिन मुझे पता है कि कई लोग अक्सर ऐसा इसलिए कर जाते हैं क्योंकि या तो उन्हें जानकारी नहीं होती या वे बहुत बेवकूफ होते हैं.’
एफिमोवा का यह बयान रियो ओलम्पिक में आने वाले दिनों में अमेरिकी दल को और उकसाएगा, जो पहले ही डोपिंग के आरोपों को लेकर रूसी खिलाड़ियों पर निशाने साधता रहा है.
उल्लेखनीय है कि फेल्प्स की हुक्का पीते हुए तस्वीर सामने आने के बाद अमेरिकी तैराकी संघ ने 2009 में उन पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद फेल्प्स मादक पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाते पकड़े गए थे, जिसके चलते उन पर फिर छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया. हालांकि फेल्प्स कभी भी डोपिंग के दोषी नहीं पाए गए.
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