भारतीय बॉक्सर विकास कृष्ण
- पूरे मैच में विरोधी का पलड़ा भारी रहा
- 2012 लंदन ओलिंपिक में प्री-क्वार्टरफाइनल में हारे थे
- भारतीय मुक्केबाज ओलिंपिक में कुछ खास नहीं कर सके
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
रियो डि जिनेरियो:
भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण का मेडल जीतने का सपना टूट गया. 75 किग्रा मिडिलवेट कैटेगरी के क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में वह उजबेकिस्तान के बेक्तेमीर मेलिकुजीव से हार गए. यदि विकास यह मैच जीतते तो उनका पदक सुनिश्चित हो जाता लेकिन पूरे मैच में उजबेक बॉक्सर का दबदबा बरकरार रहा. विकास कृष्ण पूरे मैच में किसी भी पल उसको चुनौती नहीं दे पाए.
उल्लेखनीय है कि 2012 के लंदन ओलिंपिक में विकास प्री-क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हुए थे. इस हार के साथ ही भारतीय बॉक्सरों की रियो ओलिंपिक में चुनौती समाप्त हो गई है.
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलिंपिक खेलों के चौथे दिन मंगलवार को पुरुषों की 75 किलोग्राम मिडिलवेट स्पर्धा का पहला मुकाबला 3-0 से जीत लिया था. विकास ने स्पर्धा के प्रीलिमिनरी बाउट में अमेरिका के अपने प्रतिद्वंद्वी एल्बर्ट शोन चार्ल्स कोनवेल को हराया था.
पहले राउंड में अमेरिकी मुक्केबाज आक्रामक रहे, लेकिन विकास ने कुशल खेल का परिचय देते हुए अहम अंक हासिल किए थे. पहले राउंड में विकास को तीनों निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए, जबकि कोनवेल को 9-9 अंक मिले थे.
दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे थे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए थे. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए थे.
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
उल्लेखनीय है कि 2012 के लंदन ओलिंपिक में विकास प्री-क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हुए थे. इस हार के साथ ही भारतीय बॉक्सरों की रियो ओलिंपिक में चुनौती समाप्त हो गई है.
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज विकास कृष्ण यादव ने ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलिंपिक खेलों के चौथे दिन मंगलवार को पुरुषों की 75 किलोग्राम मिडिलवेट स्पर्धा का पहला मुकाबला 3-0 से जीत लिया था. विकास ने स्पर्धा के प्रीलिमिनरी बाउट में अमेरिका के अपने प्रतिद्वंद्वी एल्बर्ट शोन चार्ल्स कोनवेल को हराया था.
पहले राउंड में अमेरिकी मुक्केबाज आक्रामक रहे, लेकिन विकास ने कुशल खेल का परिचय देते हुए अहम अंक हासिल किए थे. पहले राउंड में विकास को तीनों निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए, जबकि कोनवेल को 9-9 अंक मिले थे.
दूसरे राउंड में भी विकास तकनीकी रूप से आगे रहे थे. दूसरे राउंड के लिए विकास को पहले निर्णायक ने नौ अंक दिए जबकि शेष निर्णायकों ने 10-10 अंक दिए थे. दूसरी ओर कोनवेल को सिर्फ एक निर्णायक ने 10 अंक दिए थे.
दो राउंड में पिछड़ने के बाद कोनवेल ने तीसरे राउंड में बेहतरीन वापसी की और विकास पर मुक्कों की झड़ी लगा दी, जिसमें कुछ प्रहार सीधे विकास के चेहरे पर लगे थे, लेकिन विकास ने सिर्फ अंधाधुंध प्रहार करने की जगह अहम प्वाइंट हासिल करना ही उचित समझा.
विकास को इसका फायदा भी मिला, हालांकि इस बार उन्हें सिर्फ एक निर्णायक ने पूरे अंक दिए थे. वहीं कोनवेल दो निर्णायकों से पूरे अंक हासिल करने में कामयाब रहे. विकास को लेकिन शुरुआती बढ़त का फायदा मिला और वह यह मुकाबला अंकों के आधार पर जीतने में कामयाब हो गए थे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
विकास कृष्ण यादव, बॉक्सर विकास कृष्ण, रियो ओलिंपिक, रियो ओलंपिक 2016, Boxing, Rio Olympics, Rio Olympic 2016, Boxer Vikas Krishna