रियो ओलिंपिक में समापन समारोह... (फोटो सौजन्य : AFP)
- 42 खेलों में 205 देशों के 11000 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया
- साक्षी मलिक ने भारतीय दल की अगुआई की
- पीवी सिंधु ने ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता है
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रियो डि जिनेरियो:
बारिश के बीच रियो में रंगारंग समापन समारोह में ब्राजील के इस शहर ने दुनिया के हजारों खिलाड़ियों को भावनात्मक विदाई दी, जिसके साथ यहां 31वें ओलिंपिक खेलों का समापन हो गया. अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति के अध्यक्ष थामस बाक ने खेलों के समापन की घोषणा की, जिसके साथ 16 दिन चले खेलों के इस महासमर का आधिकारिक अंत हो गया, जिसमें 42 खेलों में 205 देशों के 11000 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया.
खचाखच भरे ऐतिहासिक माराकाना स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बाक ने कहा, ‘‘मैं 31वें ओलिंपियाड के खेलों के समापन की घोषणा करता हूं.परंपरा का पालन करते हुए मैं दुनिया भर के युवाओं से चार साल में जापान के तोक्यो में 32वें ओलिंपियाड के जश्न के लिए जुटने का आग्रह करता हूं.’’ इससे पहले ओलिंपिक ध्वज को उतारा गया और इसे अगले ओलिंपिक खेलों के मेजबान तोक्यो 2020 के प्रतिनिधियों को सौंपा गया.बाक ने ध्वज तोक्यो की गवर्नर यूरिको कोइके को सौंपा.
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने आधुनिक तकनीक वाले इस शो के एक छोटे लेकिन प्रभावी हिस्से में ‘सी यू इन तोक्यो’ परफोर्मेंस के दौरान रोमांचक प्रवेश किया.
खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा संपन्न होने के बाद सर्द हवा और बारिश के बावजूद जश्न के माहौल का पूरा लुत्फ उठाया.लगभग तीन घंटे लंबे समापन समारोह के दौरान बारिश लगातार जारी रही लेकिन खिलाड़ियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा जो बरसाती के साथ उतरे और इस दौरान उनमें से कई गाना गाने के अलावा नाच रहे थे और सेल्फी ले रहे थे.खिलाड़ियों ने मैदान पर प्रवेश दिया तो परंपरा के अनुसार युनान की टीम सबसे पहले उतरी.
ओलिंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भारतीय दल की अगुआई की और ध्वजवाहक बनी.साक्षी ने रियो खेलों में कांस्य पदक के साथ भारत के पदकों का खाता भी खोला था।
भारत की ध्वजवाहक बनने का सम्मान साक्षी को मिला क्योंकि रजत पदक विजेता पीवी सिंधु कल ही स्वदेश लौट गई.समारोह में पुरुष और महिला हॉकी टीमों के पहलवानों और मुक्केबजों में शिव थापा और मनोज कुमार सहित लगभग 50 खिलाड़ियों ने खिलाड़ियों की परेड में हिस्सा लिया.
भारत एक रजत और एक कांस्य पदक के साथ खेलों में 67वें स्थान पर रहा.अमेरिका ने 46 स्वर्ण, 37 रजत और 38 कांस्य के साथ कुल 121 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया.मेजबान ब्राजील सात स्वर्ण, छह रजत और छह कांस्य के साथ 13वें स्थान पर रहा.
ब्राजील ने एक दिन पहले इसी स्टेडियम में जर्मनी को हराकर पहली बार पुरुष फुटबॉल का स्वर्ण पदक जीता था और रियो 2016 के निर्णायक लम्हों के दौरान जब नेमार और उसेन बोल्ट जैसे खिलाड़ियों को दिखाया गया तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
खचाखच भरे ऐतिहासिक माराकाना स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच बाक ने कहा, ‘‘मैं 31वें ओलिंपियाड के खेलों के समापन की घोषणा करता हूं.परंपरा का पालन करते हुए मैं दुनिया भर के युवाओं से चार साल में जापान के तोक्यो में 32वें ओलिंपियाड के जश्न के लिए जुटने का आग्रह करता हूं.’’ इससे पहले ओलिंपिक ध्वज को उतारा गया और इसे अगले ओलिंपिक खेलों के मेजबान तोक्यो 2020 के प्रतिनिधियों को सौंपा गया.बाक ने ध्वज तोक्यो की गवर्नर यूरिको कोइके को सौंपा.
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने आधुनिक तकनीक वाले इस शो के एक छोटे लेकिन प्रभावी हिस्से में ‘सी यू इन तोक्यो’ परफोर्मेंस के दौरान रोमांचक प्रवेश किया.
खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा संपन्न होने के बाद सर्द हवा और बारिश के बावजूद जश्न के माहौल का पूरा लुत्फ उठाया.लगभग तीन घंटे लंबे समापन समारोह के दौरान बारिश लगातार जारी रही लेकिन खिलाड़ियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा जो बरसाती के साथ उतरे और इस दौरान उनमें से कई गाना गाने के अलावा नाच रहे थे और सेल्फी ले रहे थे.खिलाड़ियों ने मैदान पर प्रवेश दिया तो परंपरा के अनुसार युनान की टीम सबसे पहले उतरी.
ओलिंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान साक्षी मलिक ने भारतीय दल की अगुआई की और ध्वजवाहक बनी.साक्षी ने रियो खेलों में कांस्य पदक के साथ भारत के पदकों का खाता भी खोला था।
भारत की ध्वजवाहक बनने का सम्मान साक्षी को मिला क्योंकि रजत पदक विजेता पीवी सिंधु कल ही स्वदेश लौट गई.समारोह में पुरुष और महिला हॉकी टीमों के पहलवानों और मुक्केबजों में शिव थापा और मनोज कुमार सहित लगभग 50 खिलाड़ियों ने खिलाड़ियों की परेड में हिस्सा लिया.
भारत एक रजत और एक कांस्य पदक के साथ खेलों में 67वें स्थान पर रहा.अमेरिका ने 46 स्वर्ण, 37 रजत और 38 कांस्य के साथ कुल 121 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया.मेजबान ब्राजील सात स्वर्ण, छह रजत और छह कांस्य के साथ 13वें स्थान पर रहा.
ब्राजील ने एक दिन पहले इसी स्टेडियम में जर्मनी को हराकर पहली बार पुरुष फुटबॉल का स्वर्ण पदक जीता था और रियो 2016 के निर्णायक लम्हों के दौरान जब नेमार और उसेन बोल्ट जैसे खिलाड़ियों को दिखाया गया तो लोगों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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