पाकिस्तान की टीम 43 ओवर में 184 रन पर सिमट गई और कनाडा ने जब 33वें ओवर तक तीन विकेट पर 104 रन बना लिए थे।
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कोलंबो:
कप्तान शाहिद अफरीदी ने अपनी कलाईयों की जादूगरी जारी रखकर पाकिस्तान को गुरुवार को विश्व कप ग्रुप ए में उलटफेर से बचाते हुए कमजोर कनाडा पर 46 रन की जीत दिलाई। पाकिस्तान की टीम 43 ओवर में 184 रन पर सिमट गयी और कनाडा ने जब 33वें ओवर तक तीन विकेट पर 104 रन बना लिये थे तो क्रिकेट महाकुंभ में लगातार दूसरे बड़े उलटफेर की संभावना बन गई। अफरीदी ने ऐसे समय में 11 गेंद के अंदर चार विकेट लेकर मैच को पाकिस्तान के पक्ष में मोड़ दिया। कनाडा की टीम आखिर में 42.5 ओवर में 138 रन पर आउट हो गई। उसने आखिरी सात विकेट 34 रन के अंदर गंवाए। अफरीदी फिर से जीत के नायक रहे। उन्होंने 23 रन देकर पांच विकेट लिए। पाकिस्तानी कप्तान ने लगातार तीसरे मैच में चार या इससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया और अब उनके नाम पर तीन मैच में 14 विकेट दर्ज हो गए हैं। पाकिस्तान की यह लगातार तीसरी जीत है और वह ग्रुप ए में छह अंक लेकर शीर्ष पर पहुंच गया है लेकिन कनाडा के कमजोर आक्रमण के सामने जिस तरह से से उसकी बल्लेबाजी की पोल खुली, उससे साफ हो गया कि उसके बारे में कोई भी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। टास जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरी पाकिस्तानी टीम को कनाडा के मध्यम गति के गेंदबाजों और स्पिनरों के सामने रन बनाने के लिये जूझना पड़ा। उसने लगातार अंतराल में विकेट गंवाए। पाकिस्तान की तरफ से केवल उमर अकमल :48: और मिसबाह उल हक :37: ही टिककर खेल पाए। इस हार से कनाडा की अगले दौर में पहुंचने की संभावनाएं भी लगभग खत्म हो गई। कनाडा की यह तीन मैचों में तीसरी हार है। कनाडा ने सलामी बल्लेबाज रविंदु गुणशेखरा और नीतिश कुमार के विकेट जल्दी गंवा दिए। कप्तान आशीष बगई :16: को अफरीदी ने पहला शिकार बनाया जिससे स्कोर तीन विकेट पर 44 रन हो गया लेकिन जुबिन सरकारी :27: और जिम्मी हंसरा :43: ने चौथे विकेट के लिये 60 रन की साझेदारी करके पाकिस्तानियों के पसीने छुड़ा दिए थे। आफ स्पिनर सईद अजमल ने सुरकारी को आउट करके यह साझेदारी तोड़ी जबकि बाकी काम अफरीदी ने पूरा कर दिया। एक समय उनके पास हैट्रिक बनाने का भी मौका था जिसे खुर्रम चौहान ने टाल दिया। इससे पहले मिसबाह और उमर अकमल के बीच पांचवें विकेट के लिये 73 रन की साझेदारी को छोड़कर पूरी पारी में पाकिस्तानी बल्लेबाजी की स्थिति दयनीय रही। कनाडा की तरफ से भारतीय मूल के मध्यम तेज गेंदबाज हरवीर बैदवान ने 35 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि जिम्मी हंसरा, रिजवान चीमा और बालाजी राव को दो दो विकेट मिले। पिच बल्लेबाजों के अनुकूल लग रही थी लेकिन इसके बावजूद 1992 चैम्पियन पाकिस्तान की शुरूआत काफी खराब रही। जब स्कोर केवल 67 रन था तब उसके चोटी के चार बल्लेबाज पवेलियन लौट गये थे। बैदवान ने नौवे ओवर में अहमद शहजाद को मिडआन पर गोर्डन के हाथों लपकवाकर पाकिस्तान को दूसरा झटका दिया और फिर 13वें ओवर में यूनिस खान को पगबाधा आउट किया। इसके दो ओवर बाद कामरान अकमल ने चीमा की गेंद पर बैकवर्ड प्वाइंट में नीतिश को कैच थमाया। मिसबाह और उमर अकमल ने इसके बाद पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने एक दो रन लेकर ढीली गेंदों पर चौके लगाये। जब तेजी से रन बनाने की जरूरत थी तभी लेग स्पिनर बालाजी राव ने दोनों बल्लेबाजों को आउट करके पाकिस्तान को दोहरे झटके दिये। राव ने उमर को तब पगबाधा आउट किया जब वह अपने अर्धशतक से सिर्फ दो रन पीछे थे। इसके चार ओवर बाद मिसबाह ने विकेट के पीछे बगई को कैच थमा दिया। अफरीदी :20: और हरफनमौला अब्दुल रज्जाक भी बल्लेबाजी में अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। पाकिस्तान के आखिरी चार विकेट तीन रन के भीतर गिरे।