ललिता बब्बर ने 3000 मीटर स्टेपलचेज स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई।
बीजिंग:
सोमवार को टीम इंडिया ने कोलंबो टेस्ट में ऐतिहासिक जीत हासिल की और एक दिन पहले यूसेन बोल्ट ने जस्टिन गैटलिन को वर्ल्ड चैंपियनशिप में हराकर दुनियाभर के फ़ैन्स का दिल जीत लिया। ऐसे में महाराष्ट्र के सतारा जिले की 26 साल की ललिता शिवाजी बाबर की खबर एक कोने में छिप सकती है, लेकिन बीजिंग में जारी विश्व एथलेटिक्स चैम्पिनयशिप की 3000 मीटर स्टेपलचेज स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए फाइनल में जगह बनाकर ललिता ने भारतीय एथलेटिक्स फ़ैन्स के दिलों में अपनी जगह ज़रूर बना ली।
इस स्पर्धा का फाइनल 26 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे होगा। इंचियन एशियाड में कांस्य (9:35.37) और वुहान एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण (9:34.13) जीतने वाली ललिता ने क्वालिफ़ाइंग में 9:27.86 मिनट की टाइमिंग के साथ बीजिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में रिकॉर्ड बनाया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वह लगातार अपने रिकॉर्ड को बेहतर कर रही हैं जो यकीनन काबिले तारीफ़ है।
इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकार्ड भी ललिता के ही नाम था। ललिता ने 6 जून, 2015 को वुहान में नौ मिनट 34.13 सेकंड का समय निकाला था। क्वालीफाइंग दौर में हिस्सा लेने वाली 45 एथलीटों के बीच समय के आधार पर ललिता आठवें स्थान पर रहीं।
ललिता अपने प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और कहती हैं कि फाइनल में इस टाइमिंग को और बेहतर करने की कोशिश करेंगी। ललिता एंग्लिन मेडल हंट कंपनी का हिस्सा हैं।
एंग्लिअन मेडल हंट कंपनी के सीईओ मनीष बहुगुणा कहते हैं कि ललिता ने अपनी बेस्ट टाइमिंग से करीब 6 सेकंड बेहतर वक्त निकाला है। वह मानते हैं कि ललिता इस रेस में करीब 3 सेकंड और बेहतर वक्त निकाल सकती हैं।
उनका यह भी कहना है कि वर्ल्ड एथलेटिक्स में ललिता के लिए चाहे मेडल हासिल करना मुश्किल काम हो, लेकिन अगर वो हाई ऑल्टीट्यूड ट्रेनिंग के साथ अमेरिका या केन्या में ट्रेनिंग करती हैं, तो रियो ओलिंपिक्स में मेडल की रेस में दिख सकती हैं।
इस स्पर्धा का फाइनल 26 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे होगा। इंचियन एशियाड में कांस्य (9:35.37) और वुहान एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण (9:34.13) जीतने वाली ललिता ने क्वालिफ़ाइंग में 9:27.86 मिनट की टाइमिंग के साथ बीजिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में रिकॉर्ड बनाया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वह लगातार अपने रिकॉर्ड को बेहतर कर रही हैं जो यकीनन काबिले तारीफ़ है।
इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकार्ड भी ललिता के ही नाम था। ललिता ने 6 जून, 2015 को वुहान में नौ मिनट 34.13 सेकंड का समय निकाला था। क्वालीफाइंग दौर में हिस्सा लेने वाली 45 एथलीटों के बीच समय के आधार पर ललिता आठवें स्थान पर रहीं।
ललिता अपने प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और कहती हैं कि फाइनल में इस टाइमिंग को और बेहतर करने की कोशिश करेंगी। ललिता एंग्लिन मेडल हंट कंपनी का हिस्सा हैं।
एंग्लिअन मेडल हंट कंपनी के सीईओ मनीष बहुगुणा कहते हैं कि ललिता ने अपनी बेस्ट टाइमिंग से करीब 6 सेकंड बेहतर वक्त निकाला है। वह मानते हैं कि ललिता इस रेस में करीब 3 सेकंड और बेहतर वक्त निकाल सकती हैं।
उनका यह भी कहना है कि वर्ल्ड एथलेटिक्स में ललिता के लिए चाहे मेडल हासिल करना मुश्किल काम हो, लेकिन अगर वो हाई ऑल्टीट्यूड ट्रेनिंग के साथ अमेरिका या केन्या में ट्रेनिंग करती हैं, तो रियो ओलिंपिक्स में मेडल की रेस में दिख सकती हैं।
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