कपिल से जब गेंदबाजों के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हम देख सकते हैं कि गेंदबाजी कमजोर है। मुझे यह कहने की जरूरत नहीं है।
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New Delhi:
पूर्व कप्तान कपिल देव को लगता है कि महेंद्र सिंह धोनी की टीम को इंग्लैंड के खिलाफ मैच जीतना चाहिए था और टीम की गेंदबाजी चिंता का विषय है। कपिल से जब भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, हम देख सकते हैं कि गेंदबाजी कमजोर है। मुझे यह कहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, अगर आप गेंदबाजों की तुलना टीम के बल्लेबाजों से करें तो हां, निश्चित रूप से गेंदबाजी कमजोर है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे बिलकुल गेंदबाजी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, ये वही गेंदबाज हैं जिन्होंने पिछले दो वर्षों में भारत को कई मैचों में जीत दिलायी है। बांग्लादेश और इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी काफी शानदार थी लेकिन गेंदबाजों ने निराश किया। पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने 370 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था लेकिन बांग्लादेश ने 283 रन बनाकर बेहतरीन बल्लेबाजी प्रदर्शन किया। दूसरे मैच में इंग्लैंड ने कप्तान एंड्रयू स्ट्रास की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करते हुए मुकाबला टाई कराने में सफलता हासिल की थी। वर्ष 1983 विश्व कप विजेता टीम के कप्तान कपिल ने कहा, अगर आप पिछले दो मैचों में गेंदबाजी प्रदर्शन के बारे में बात करें तो हमारा गेंदबाजी प्रयास स्तरीय नहीं था। लेकिन अगर हमारे गेंदबाजों ने पहले दो मैचों में खराब गेंदबाजी की तो इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने विकेट हासिल नहीं किये थे। कपिल ने कहा, पिछले दो साल में खेले गये मैचों में ये वही गेंदबाज थे जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करके भारत के लिये कई मैच जीते हैं। मैं सचमुच उनकी आलोचना नहीं करना चाहता। हालांकि कपिल ने स्वीकार किया कि कुछ हद तक आलोचनायें तो होनी थी क्योंकि भारत को 338 रन का असंभव लक्ष्य बनाकर इंग्लैंड को परास्त करना चाहिए था। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा, मैं आलोचना नहीं करना चाहता। लेकिन हां एक स्तर पर देखा जाये तो आपने 338 रन का लक्ष्य खड़ा किया और इसके बावजूद आप टाई ही कर सके। मेरा मतलब है कि इंग्लैंड ने बेहतरीन क्रिकेट खेला और मेरे हिसाब से वे जीत गये। 338 रन के बाद हमें हारना या मैच टाई नहीं कराना चाहिए था। मैं निराश था।