नई दिल्ली:
रियो ओलिंपिक शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है। खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ के लिए समय से पहले तैयारी पूरी करने का दावा कर रहे आयोजकों को उस वक्त झटका लगा, जब 700 एथलीट्स वाले ऑस्ट्रेलियाई दल ने ओलिंपिक गेम्स विलेज में जाने से मना कर दिया। आयोजकों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत मरम्मत का काम शुरू कर दिया।
मरम्मत शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई शेफ़ डी मिशन किट्टी चिलर ने कहा, 'यहां धीरे-धीरे सब ठीक हो रहा है। कुछ ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी गेम्स विलेज में आ गए हैं और उनके चेहरे पर ख़ुशी है। पिछले 24 घंटों में काफ़ी काम पूरा किया गया है। आयोजकों ने कई लोगों को यहां की सफ़ाई में लगाया है और कुछ ही दिन में हमारे लिए सभी फ्लोर साफ़ कर दे दिए जाएंगे। हालांकि कुछ इमारतों में पानी टपकने की समस्या है, लेकिन आयोजकों ने इसे जल्द ठीक करने का भरोसा दिलाया है।'
वहीं रियो के मेयर एडवार्डो पेस ने कहा, 'खेलों के आयोजन में कई लोगों की भागेदारी होती है। कभी छोटी-मोटी दिक्कतें होती है, लेकिन हम ऑस्ट्रेलियाई दल को घर जैसा माहौल देने की कोशिश करेंगे।' पेस ने मीडिया से बात करते हुए ये भी कहा, 'मैं ख़ुद उन इमारतों में गया जहां ऑस्ट्रेलियाई दल रहने वाला है। वहां की स्थिति वाक़ई ख़राब थी। हम पूरी मेहनत के साथ काम करेंगे ताकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को घर जैसा महसूस हो।'
पिछले हफ़्ते ओलिंपिक विलेज में 31 इमारत खिलाड़ियों के रहने के लिए खोला गया- जहां क़रीब 18 हज़ार एथलीट्स रहेंगे। ब्राज़ीलियन मीडिया के मुताबिक 3600 अपार्टमेंट में गैस, पानी और बिजली की समस्या है और बाथरूम में नल ख़राब हैं। आयोजकों ने बिजली और पानी सप्लाई में हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए 500 लोगों को लगाया है। न्यूज़ीलैंड, स्वीडन और पुर्तगाल के एथलीट रियो गेम्स विलेज में मिली सुविधाओं से संतुष्ट दिखे।
पुर्तगाल के नौका दल टीम के सदस्य जोस कोस्टा ने कहा, 'हमें यहां हो रही परेशानियों के बारे में पता है। कुछ काम अब भी बाक़ी है जैसे अपार्टमेंट को पूरा किया जाना है लेकिन पुर्तगाल की टीम यहां के इंतज़ामों से ख़ुश है।' टीम के कोच फ़र्नानडों कूयो ने कहा, 'आराम के मामले में यहां सबकुछ ठीक है। मूल सुविधाओं के अलावा साफ़ बेडशीट, गर्म पानी सब कुछ ठीक है-लेकिन लंदन गेम्स में काम पूरा करने के लिए काफ़ी समय था, वैसे यहां भी कुछ चीजें अच्छी हो सकती थी।'
ब्राज़ील में खेलों के आयोजन को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं। आयोजक आर्थिक तंगी, बेरोजगारी और स्टेडियमों के बनाने में हुई देरी के बावजूद खेलों को सफल बनाने का दावा करते रहे हैं।
मरम्मत शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई शेफ़ डी मिशन किट्टी चिलर ने कहा, 'यहां धीरे-धीरे सब ठीक हो रहा है। कुछ ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी गेम्स विलेज में आ गए हैं और उनके चेहरे पर ख़ुशी है। पिछले 24 घंटों में काफ़ी काम पूरा किया गया है। आयोजकों ने कई लोगों को यहां की सफ़ाई में लगाया है और कुछ ही दिन में हमारे लिए सभी फ्लोर साफ़ कर दे दिए जाएंगे। हालांकि कुछ इमारतों में पानी टपकने की समस्या है, लेकिन आयोजकों ने इसे जल्द ठीक करने का भरोसा दिलाया है।'
वहीं रियो के मेयर एडवार्डो पेस ने कहा, 'खेलों के आयोजन में कई लोगों की भागेदारी होती है। कभी छोटी-मोटी दिक्कतें होती है, लेकिन हम ऑस्ट्रेलियाई दल को घर जैसा माहौल देने की कोशिश करेंगे।' पेस ने मीडिया से बात करते हुए ये भी कहा, 'मैं ख़ुद उन इमारतों में गया जहां ऑस्ट्रेलियाई दल रहने वाला है। वहां की स्थिति वाक़ई ख़राब थी। हम पूरी मेहनत के साथ काम करेंगे ताकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को घर जैसा महसूस हो।'
पिछले हफ़्ते ओलिंपिक विलेज में 31 इमारत खिलाड़ियों के रहने के लिए खोला गया- जहां क़रीब 18 हज़ार एथलीट्स रहेंगे। ब्राज़ीलियन मीडिया के मुताबिक 3600 अपार्टमेंट में गैस, पानी और बिजली की समस्या है और बाथरूम में नल ख़राब हैं। आयोजकों ने बिजली और पानी सप्लाई में हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए 500 लोगों को लगाया है। न्यूज़ीलैंड, स्वीडन और पुर्तगाल के एथलीट रियो गेम्स विलेज में मिली सुविधाओं से संतुष्ट दिखे।
पुर्तगाल के नौका दल टीम के सदस्य जोस कोस्टा ने कहा, 'हमें यहां हो रही परेशानियों के बारे में पता है। कुछ काम अब भी बाक़ी है जैसे अपार्टमेंट को पूरा किया जाना है लेकिन पुर्तगाल की टीम यहां के इंतज़ामों से ख़ुश है।' टीम के कोच फ़र्नानडों कूयो ने कहा, 'आराम के मामले में यहां सबकुछ ठीक है। मूल सुविधाओं के अलावा साफ़ बेडशीट, गर्म पानी सब कुछ ठीक है-लेकिन लंदन गेम्स में काम पूरा करने के लिए काफ़ी समय था, वैसे यहां भी कुछ चीजें अच्छी हो सकती थी।'
ब्राज़ील में खेलों के आयोजन को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं। आयोजक आर्थिक तंगी, बेरोजगारी और स्टेडियमों के बनाने में हुई देरी के बावजूद खेलों को सफल बनाने का दावा करते रहे हैं।
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