दिल्ली हाईकोर्ट ने आज भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) से कहा कि वह बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा को आगामी टूर्नामेंटों में खेलने की स्वीकृति दे जब तक कि अनुशासन पैनल उनकी कथित अनुशासनहीनता के मुद्दे पर अंतिम फैसला नहीं करे।
न्यायमूर्ति वीके जैन ने ज्वाला की याचिका स्वीकार करते हुए कहा, मेरा नजरिया है कि आपको (बाई को) उसे (ज्वाला) टूर्नामेंट में खेलने की स्वीकृति देनी चाहिए। अदालत ने हालांकि कहा कि इस खिलाड़ी की याचिका पर विस्तृत आदेश आज बाद में दिया जाएगा।
अदालत ने साथ ही कहा कि जब तक समिति अंतिम फैसला नहीं करती तब तक ज्वाला को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की स्वीकृति मिलनी चाहिए।
ज्वाला को हालांकि जिन दो आगामी टूर्नामेंटों में हिस्सा लेना है, उनमें डेनमार्क ओपन और फ्रेंच ओपन शामिल हैं। डेनमार्क ओपन 15 से 20 अक्तूबर जबकि फ्रेंच ओपन 22 से 27 अक्तूबर तक होना है।
बाई ने हालांकि कल ज्वाला और उनकी युगल जोड़ी अश्विनी पोनप्पा को डेनमार्क ओपन में चयन की दौड़ से बाहर कर दिया।
बाई की अनुशासन समिति ने ज्वाला पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी। उन पर आरोप था कि इस साल अगस्त में इंडियन बैडमिंटन लीग के दौरान उन्होंने अपनी टीम कृष दिल्ली स्मैशर्स के कुछ खिलाड़ियों को बंगा बीट्स के खिलाफ खेलने से रोकने का प्रयास किया।
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