नरसिंह का फाइल फोटो
- मामले पर चार घंटे सुनवाई हुई
- नाडा की बात नहीं मानी गई
- मुकाबले से एक दिन पहले नरसिंह का वजन लिया गया
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रियो डि जिनेरियो:
गुरुवार को ब्राजील सीएएस यानी कैश की अदालत ने चार घंटे लंबी बहस के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि नरसिंह यादव पर डोपिंग की वजह से चार साल का प्रतिबंध लगाया जा रहा है. उन्हें रियो ओलिंपिक में खेलने की इजाजत नहीं मिलेगी.
कैश ने नाडा के फैसले को मानने से इनकार किया. उन्होंने फैसला सुनाया कि उनके खाने या पीने में मिलावट की बात सही नहीं है. उन्होंने साजिश की बात मानने से इनकार कर दिया और कहा इस बात को साबित करने के लिए नरसिंह के पास कोई सुबूत नहीं है.
अब 19 तारीख को 74 किग्रा भारवर्ग में कोई भी अन्य भारतीय पहलवान हिस्सा नहीं ले सकेगा. एक दिन पहले ही इसमें हिस्सा लेने के लिए नरसिंह का वजन लिया गया था.
फैसला आने के बाद भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए. एक गिराहे ने ये काम किया है. इसके चलते एक खिलाड़ी की जिंदगी बर्बाद हो गई. नरसिंह की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह रो रहे हैं और बात करने की स्थिति में नहीं है.
उससे पहले रियो ओलिंपिक के बारा बीच के विंडसर होटल में सीएएस यानी कैश (कोर्ट ऑफ ऑर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स ) की अदालत में चली चार घंटे लंबी बहस के बाद जब ब्रजभूषण शरण सिंह बाहर आए तो उनके चेहरे पर पहले जैसा उत्साह नहीं था.
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने बताया कि वाडा ने नाडा के फैसले पर कई सवाल किए- मसलन वाडा के वकील का कहना था कि सोनीपत में पहलवानों की ट्रेनिंग के दौरान जो खाने या पीने में मिलावट की बात कही जा रही है वो उससे सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा में ऐसा किया जाना मुमकिन नहीं हैं. उसके चंद घंटों बाद ही नरसिंह पर पाबंदी का फैसला सुना दिया गया.
कैश ने नाडा के फैसले को मानने से इनकार किया. उन्होंने फैसला सुनाया कि उनके खाने या पीने में मिलावट की बात सही नहीं है. उन्होंने साजिश की बात मानने से इनकार कर दिया और कहा इस बात को साबित करने के लिए नरसिंह के पास कोई सुबूत नहीं है.
अब 19 तारीख को 74 किग्रा भारवर्ग में कोई भी अन्य भारतीय पहलवान हिस्सा नहीं ले सकेगा. एक दिन पहले ही इसमें हिस्सा लेने के लिए नरसिंह का वजन लिया गया था.
फैसला आने के बाद भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच होनी चाहिए. एक गिराहे ने ये काम किया है. इसके चलते एक खिलाड़ी की जिंदगी बर्बाद हो गई. नरसिंह की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह रो रहे हैं और बात करने की स्थिति में नहीं है.
उससे पहले रियो ओलिंपिक के बारा बीच के विंडसर होटल में सीएएस यानी कैश (कोर्ट ऑफ ऑर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स ) की अदालत में चली चार घंटे लंबी बहस के बाद जब ब्रजभूषण शरण सिंह बाहर आए तो उनके चेहरे पर पहले जैसा उत्साह नहीं था.
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने बताया कि वाडा ने नाडा के फैसले पर कई सवाल किए- मसलन वाडा के वकील का कहना था कि सोनीपत में पहलवानों की ट्रेनिंग के दौरान जो खाने या पीने में मिलावट की बात कही जा रही है वो उससे सहमत नहीं हैं. उनका कहना है कि इतनी कड़ी सुरक्षा में ऐसा किया जाना मुमकिन नहीं हैं. उसके चंद घंटों बाद ही नरसिंह पर पाबंदी का फैसला सुना दिया गया.
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