योगेश्वर दत्त (फाइल फोटो)
- रियो में भारत की आखिरी उम्मीद पहलवान योगेश्वर दत्त हैं
- दत्त ने लंदन ओलिंपिक में 60 किग्रा भार वर्ग में ब्रॉन्ज जीता था
- सुशील कुमार की तरह ही उनके सामने भी इतिहास रचने का बड़ा मौका है
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रियो डी जिनेरियो:
'एक ब्रॉन्ज आ गया, एक सिल्वर आ गया और अब एक गोल्ड भी आ जाएगा. मुझे पूरी उम्मीद है पहलवान जी गोल्ड जरूर लाएंगे.' ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक ने यह बात कही. बता दें कि योगेश्वर दत्त को उनके सभी साथी पहलवान जी कहकर ही बुलाते हैं. रियो में आखिरी दिन अब से कुछ ही घंटों बाद लंदन ओलिंपिक के पदक विजेता योगेश्वर दत्त मैट पर होंगे. सवा सौ करोड़ भारतीयों की निगाहें इस 65 किलोग्राम वर्ग के पहलवान पर होंगी.
योगेश्वर दत्त का पहला मुकाबला मंगोलियाई खिलाड़ी गैंजोरिजिन मंडाखनरन से होगा. महिला टीम के कोच कुलदीप सिंह मलिक कहते हैं, 'इस प्रतियोगिता में 21 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और मुझे नहीं लगता कि कोई पहलवान योगेश्वर से 20 है. वह पूरी तरह से फिट है, चोट जैसी कोई बात नहीं है. मुझे पूरी उम्मीद है वह पोडियम पर पहुंचेगा.'
हालांकि योगेश्वर ने पिछले दो साल में 5 से कम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है. पिछले साल लास वेगस में भी वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए योगेश्वर दत्त अमेरिका गए तो थे, लेकिन उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था. रियो ओलिंपिक में अमेरिका के जॉर्डिन बरो और अमेरिका की ही तीन बार की विश्व चैंपियन एडलिन ग्रे, जापान की दिग्गज ओलिंपिक चैंपियन योशिदा जैसी खिलाड़ियों को उलटफेर का सामना करना पड़ा है.
ऐसे में योगेश्वर के सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन सुशील कुमार की तरह ही उनके सामने भी इतिहास रचने का बड़ा मौका है. भारतीय खेल प्रेमी उनके लिए भी यकीनन दुआ जरूर करेंगे.
योगेश्वर दत्त का पहला मुकाबला मंगोलियाई खिलाड़ी गैंजोरिजिन मंडाखनरन से होगा. महिला टीम के कोच कुलदीप सिंह मलिक कहते हैं, 'इस प्रतियोगिता में 21 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और मुझे नहीं लगता कि कोई पहलवान योगेश्वर से 20 है. वह पूरी तरह से फिट है, चोट जैसी कोई बात नहीं है. मुझे पूरी उम्मीद है वह पोडियम पर पहुंचेगा.'
हालांकि योगेश्वर ने पिछले दो साल में 5 से कम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है. पिछले साल लास वेगस में भी वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए योगेश्वर दत्त अमेरिका गए तो थे, लेकिन उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था. रियो ओलिंपिक में अमेरिका के जॉर्डिन बरो और अमेरिका की ही तीन बार की विश्व चैंपियन एडलिन ग्रे, जापान की दिग्गज ओलिंपिक चैंपियन योशिदा जैसी खिलाड़ियों को उलटफेर का सामना करना पड़ा है.
ऐसे में योगेश्वर के सामने चुनौती बड़ी है, लेकिन सुशील कुमार की तरह ही उनके सामने भी इतिहास रचने का बड़ा मौका है. भारतीय खेल प्रेमी उनके लिए भी यकीनन दुआ जरूर करेंगे.
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