अभिनव बिंद्रा (फाइल फोटो)
- कहा-खिलाड़ियों पर पर्याप्त निवेश के बाद ही करें मेडल की उम्मीद
- रियो में बारीक अंतर से ब्रांज मेडल चूक गए थे अभिनव
- हर पदक के लिए ब्रिटेन की ओर से खर्च की गई राशि का जिक्र किया
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बीजिंग ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने मंगलवार को कहा कि ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जेनेरो में चल रहे ओलिंपिक खेलों में भारत को अब तक एक भी मेडल न मिलने के लिए भारत की व्यवस्था जिम्मेदार है. ब्रिटेन का उदाहरण देते हुए बिंद्रा ने कहा कि देश में खिलाड़ियों पर पर्याप्त निवेश करने के बाद ही उनसे पदक की उम्मीद की जानी चाहिए.
गौरतलब है कि बिंद्रा रियो ओलिंपिक की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे और कांस्य पदक से चूक गए. बिंद्रा ने भारतीय व्यवस्था पर निशाना साधने के लिए मंगलवार को ट्विटर का रुख किया.
उन्होंने ट्वीट किया, 'ब्रिटेन ने हर पदक पर 55 लाख पाउंड खर्च किए हैं. इतनी मात्रा में निवेश किए जाने की जरूरत है. जब तक देश में व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पदक की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.' बिंद्रा ने अपनी ट्वीट में ब्रिटेन के समाचार-पत्र 'द गार्डियन' में प्रकाशित लेख में दिए आंकड़ों का हवाला दिया है. इस लेख में प्रदर्शित किया गया है कि ब्रिटेन ने हर पदक के लिए कितनी भारी मात्रा में खर्च किया है.
गौरतलब है कि ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे अब तक के सबसे बड़े भारतीय दल को दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी अपने पहले पदक का इंतजार है. भारत लंदन ओलिंपिक-2012 में सर्वाधिक छह पदक लाने में सफल रहा था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गौरतलब है कि बिंद्रा रियो ओलिंपिक की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे और कांस्य पदक से चूक गए. बिंद्रा ने भारतीय व्यवस्था पर निशाना साधने के लिए मंगलवार को ट्विटर का रुख किया.
उन्होंने ट्वीट किया, 'ब्रिटेन ने हर पदक पर 55 लाख पाउंड खर्च किए हैं. इतनी मात्रा में निवेश किए जाने की जरूरत है. जब तक देश में व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक पदक की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.' बिंद्रा ने अपनी ट्वीट में ब्रिटेन के समाचार-पत्र 'द गार्डियन' में प्रकाशित लेख में दिए आंकड़ों का हवाला दिया है. इस लेख में प्रदर्शित किया गया है कि ब्रिटेन ने हर पदक के लिए कितनी भारी मात्रा में खर्च किया है.
गौरतलब है कि ओलिंपिक खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे अब तक के सबसे बड़े भारतीय दल को दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी अपने पहले पदक का इंतजार है. भारत लंदन ओलिंपिक-2012 में सर्वाधिक छह पदक लाने में सफल रहा था.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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