Explainer: क्यों सबसे ज्यादा आबादी होने के बाद भी पंजाब में कमजोर हैं दलित, राजनीति में तो किनारे ही लगे
आखिर पंजाब की आबादी में एक तिहाई हिस्सेदारी होने के बाद भी दलित राजनीति कमजोर क्यों है. आइए जानते हैं, इसकी वजहें...
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किस्सा यूपी का: कांग्रेसी CM संपूर्णानंद, जिन्होंने नेहरू की आपत्ति के बाद भी गोहत्या पर लगाया था बैन
'किस्सा यूपी का' की दूसरी कड़ी में आज बात उत्तर प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद की, जिन्होंने अपने जीवन काल में 45 पुस्तकें लिखी. पंडित नेहरू से नाराजगी के बाद भी गो हत्या को बैन किया. बनारस का नाम बदलकर वाराणसी की. लेकिन इनका अंत बेहद गरीबी में हुआ.
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ट्रंप के गाजा समझौते में क्या है? तुर्की-कतर भी खुश, इजरायल का पक्ष मजबूत, फिर नेतन्याहू को क्यों टेंशन
ट्रंप इस समझौते को एक क्रांतिकारी समझौता बता रहे हैं और साफ तौर पर इजरायल को इसके लिए मना रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने दावा किया कि यरूशलेम इस समझौते से "बहुत खुश" है, जबकि इसके विपरीत संकेत मिल रहे हैं.
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जापान दूसरे विश्व युद्ध के बाद अपनी पहली सेंट्रलाइज्ड इंटेलिजेंस एजेंसी शुरू कर रहा है, जानिए क्यों महत्वपूर्ण
जापान को नए और बड़े खतरों का सामना करना पड़ रहा है. समुद्र के उस पार उत्तर कोरिया, चीन और रूस हैं. इन सभी के पास जासूसी की ऐसी ताकतवर क्षमताएं हैं, जिनसे निपटने के लिए जापान पूरी तरह तैयार नहीं है.
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रामायण ट्रेलर विवाद: वाल्मीकि और तुलसीदास ने सीता की सुंदरता का वर्णन कैसे किया?
वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास की रामचरितमानस में भी माता सीता की सुंदरता का जो वर्णन किया गया है, वो इतना भव्य है कि उसे कभी भी सिर्फ शारीरिक आकर्षण तक सीमित नहीं किया जा सकता.
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गोविंद वल्लभ पंत: पंडित नेहरू के बदले खाई लाठी, प्रदेश के पहले CM बने तो अपना हर खर्च खुद उठाया
देश की आजादी के बाद गोविंद वल्लभ पंत ने उत्तर प्रदेश की कमान संभाली. बाद में सरदार वल्लभ भाई पटेल के निधन के बाद वो केंद्र सरकार में गृह मंत्री भी बने. गोविंद वल्लभ पंत जवाहर लाल नेहरू के करीबियों में से एक माने जाते हैं. ऐसे में उनके जीवनकाल में कई ऐसी घटनाएं हैं जो बेहद दिलचस्प है.
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अब DU में प्रोटेस्ट! CJP आंदोलन से जुड़े यूनिवर्सिटी के सर्कुलर के खिलाफ छात्रों का धरना, क्या हैं डिमांड्स?
सीजेपी प्रोटेस्ट में छात्रों के शामिल होने से जुड़ा आदेश सिर्फ दिल्ली विश्वविद्यालय ने नहीं जारी किया था. जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के अलावा और भी कई संस्थानों ने छात्रों को जंतर-मंतर न जाने की नसीहत दी थी.
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सुरंग बनाकर अमेरिका करेगा हमला...चीन के एक्सपर्ट्स की ये चेतावनी भविष्य के युद्धों की डरावनी कहानी
'चाइनीज इंस्टीट्यूट ऑफ कमांड एंड कंट्रोल' ने बताया कि जमीन के नीचे युद्ध लड़ने के लिए अमेरिकी सेना की रणनीति से पता चलता है कि उसने पहले ही जमीन के नीचे के दायरे में अपनी रणनीतिक और सामरिक पहुंच को व्यवस्थित रूप से बढ़ा लिया है.
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Explainer: स्पेन में 50 हजार लोगों की घुसपैठ से क्यों टेंशन में आया यूरोप, इटली-फ्रांस समेत कई देशों पर खतरा
बेहतर नौकरी के मौकों और रहने-सहने की अच्छी स्थितियों का आकर्षण इन प्रवासियों को अफ्रीका और दूसरे देशों से मुश्किल और खतरनाक सफर करने के लिए मजबूर करता है. मगर अभी जो स्थिति है वो भयानक है.
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Analysis: पंजाब का दोआबा, जहां हर दूसरे दलित परिवार का एक सदस्य विदेश में; राजनीति में किंगमेकर, आखिर कैसे?
आजादी की लड़ाई लड़ने वाले क्रांतिकारी भगत सिंह का पैतृक गांव नवांशहर के खटकर कलां में है. 1914 की कोमागाता मारू यात्रा करने वाले बाबा गुरदित सिंह का परिवार कभी दोआबा में रहता था.
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World Tigers Day: भारत में कैसे होती है बाघों की गिनती, यहां समझ लीजिए सबकुछ
भारत के जंगलों में दुनिया भर के 70 प्रतिशत बाघ रहते हैं. इसे गिनने के लिए भारत को गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी मिल चुका है.