दुनिया में कई ऐसी किताबें हैं, जिनकी कहानी सिर्फ पन्नों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़े पर्दे पर भी नई पहचान बना गई. ऐसी ही एक बेस्टसेलर किताब की 3 करोड़ से ज्यादा कॉपियां बिक चुकी हैं. इस कहानी पर हॉलीवुड में यादगार फिल्म बनी और भारत में भी इसे अलग अंदाज में पर्दे पर उतारा गया. खास बात ये रही कि हिंदी फिल्म ने किताब की कहानी को इंडियन पॉलिटिक्स और सत्ता के माहौल में ढालकर पेश किया. नतीजा ये हुआ कि दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया. महज 14 करोड़ रुपये में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 39 करोड़ रुपये का कारोबार किया और बाद में एक पूरी फिल्म फ्रेंचाइजी की शुरुआत भी कर दी.
'द गॉडफादर' का भारतीय रंग
हम बात कर रहे हैं साल 2005 में रिलीज हुई 'सरकार' की. राम गोपाल वर्मा के डायरेक्शन में बनी इस पॉलिटिकल क्राइम ड्रामा में अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन की जोड़ी पहली बार इतने दमदार अंदाज में नजर आई. उनके साथ केके मेनन, कैटरीना कैफ, सुप्रिया पाठक, तनिषा मुखर्जी, कोटा श्रीनिवास राव और अनुपम खेर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में थे.
'सरकार' को मारियो पूजो के मशहूर उपन्यास 'द गॉडफादर' से इंस्पायर माना जाता है. ये वही किताब है, जिसकी दुनियाभर में 3 करोड़ से ज्यादा कॉपियां बिक चुकी हैं. इस नॉवेल की पॉपुलेरिटी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे आज भी दुनिया की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली किताबों में गिना जाता है. राम गोपाल वर्मा ने इस किताब को देश की पॉलिटिक्स और सोशल एट्मॉस्फियर में ढाल दिया. जिससे फिल्म की अपनी अलग पहचान बनी.
14 करोड़ की लागत, 39 करोड़ की कमाई
'सरकार' 1 जुलाई 2005 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. रिलीज से पहले इसका प्रीमियर न्यूयॉर्क एशियन फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ, जिससे इसे इंटरनेशनल लेवल पर भी पहचान मिली. बाद में फिल्म को अमेरिकी एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की लाइब्रेरी में भी शामिल किया गया. करीब 14 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 39 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. उस समय के हिसाब से ये शानदार प्रदर्शन माना गया. फिल्म की कामयाबी के बाद मेकर्स ने इसकी कहानी को आगे बढ़ाया और 'सरकार राज' (2008) तथा 'सरकार 3' (2017) रिलीज कीं.
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