CBSE New Chairperson: कॉपी चेकिंग विवाद में घिरे देश के सबसे बड़े एजुकेशन बोर्ड यानी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को उसका नया बॉस मिल गया है. मंगलवार को केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सीनियर आईएएस (IAS) अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को सीबीएसई का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है. वे तुरंत अपना कार्यभार संभालेंगे और बोर्ड के सभी बड़े फैसले अब वही लेंगे. आइए जानते हैं नए चेयरमैन प्रशांत सीताराम लोखंडे कौन हैं, वे किसकी जगह आ रहे हैं और उनके आते ही बोर्ड में क्या-क्या बदलने वाला है.
राहुल सिंह की जगह संभालेंगे कुर्सी
पिछले कुछ समय से सीबीएसई पर उठ रहे सवाल के बीच सरकार ने प्रशांत सीताराम लोखंडे को बोर्ड की कमान सौंपी, जो राहुल सिंह की जगह लेंगे, जिनका 2 जून को ट्रांसफर किया गया है. उनके अलावा बोर्ड के सीक्रेटरी का भी ट्रांसफर कर दिया था. सीबीएसई से देश-विदेश के 25,000 से ज्यादा स्कूल जुड़े हैं. अब सीताराम लोखंडे के हाथ इन सभी की कमान रहेगी.
IAS प्रशांत सीताराम लोखंडे कौन हैं?
आईएएस लोखंडे प्रशासनिक काम-काज के बहुत मंझे हुए खिलाड़ी माने जाते हैं. वे 2001 बैच के बेहद अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं. AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर से आते हैं. सीबीएसई में आने से ठीक पहले वे केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) में एडिशनल सेक्रेटरी (Additional Secretary) जैसे बड़े और जिम्मेदार पद पर तैनात थे. उन्हें ब्यूरोक्रेसी में बहुत ही अनुशासित, कड़क और पॉलिसी मामलों का एक्सपर्ट माना जाता है.
नए चेयरमैन के सामने ये 3 बड़ी चुनौतियां
1. बिना गड़बड़ी बोर्ड परीक्षाएं कराना और ताजा विवाद को खत्म करना
लाखों सेंटर्स पर बिना किसी पेपर लीक या तकनीकी खराबी के पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराना और समय पर रिजल्ट देना हमेशा से सीबीएसई के लिए साख का सवाल रहा है. डिजिटल चेकिंग को और बेहतर बनाना भी उनके एजेंडे में होगा. इसके अलावा ताजा चल रहे री-वैल्यूएशन और ऑनलाइन कॉपी चेकिंग विवाद को खत्म करना.
2. स्कूलों और छात्रों के बीच तालमेल
देश-विदेश के 25 हजार से ज्यादा स्कूलों, लाखों टीचर्स और करोड़ों छात्रों की समस्याओं को सुनना और उनके हक में सही समय पर सही फैसले लेना उनके रूटीन का सबसे बड़ा हिस्सा होगा.
3. NEP को जमीन पर उतारना
नई शिक्षा नीति के तहत नया सिलेबस और नया एग्जाम पैटर्न लागू करना प्रशांत सीताराम लोखंडे की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी. बच्चों पर पढ़ाई का प्रेशर कम हो और वे रटने के बजाय सीखने पर ध्यान दें, इसे लागू करवाना बड़ा चैलेंज है.
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