ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) को लेकर चल रहे विवाद के बीच आखिरकार सरकार ने CBSE अधिकारियों के खिलाफ एक्शन ले लिया है. सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया है. CBSE के री-इवैल्यूएशन प्रोसेस के बीच दोनों बड़े अधिकारियों को हटाने का फैसला लिया गया है. इससे पहले री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू होने में हुई देरी और फिर टेक्निकल ग्लिच से लगातार सरकार की किरकिरी हो रही थी. आइए जानते हैं कि सीबीएसई के चीफ रहे राहुल सिंह कौन हैं और उन्हें कब इस पद पर नियुक्त किया गया था.
कौन हैं राहुल सिंह?
राहुल सिंह बिहार कैडर के 1996 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी हैं. उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बी.टेक (B.Tech.) किया है और उनके पास पब्लिक पॉलिसी एंड मैनेजमेंट (सार्वजनिक नीति और प्रबंधन) में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री भी है. 26 मार्च 2024 को उन्हें सीबीएसई में बतौर चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति मिली थी. अपने लंबे करियर में राहुल सिंह ने कई बड़े और अहम पदों पर काम किया है, जिसमें एडिशनल सेक्रेट्री से लेकर ज्वाइंट सेक्रेट्री और सचिव जैसे पद शामिल हैं.
सरकार ने दिया था दो साल का एक्सटेंशन
IAS अधिकारी राहुल सिंह पर भले ही अब एक्शन लिया गया है, लेकिन सरकार ने उन्हें 2025 में दो साल का एक्सटेंशन यानी सेवा विस्तार भी दिया था. 13 मार्च 2024 को CBSE चेयरमैन के पद पर नियुक्त होने के बाद उनका कार्यकाल खत्म हो रहा था, जिसे दो साल के लिए बढ़ाया गया. तब बताया गया था कि राहुल सिंह 11 नवंबर 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे. हालांकि अब ऑन स्क्रीन मार्किंग के विवाद की गाज उन पर गिरी है.
लगातार उठ रहे थे सवाल
सीबीएसई 12वीं रिजल्ट जारी होने के बाद से ही विवादों में रहा है. सबसे पहले छात्रों ने कम नंबर के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग का जमकर विरोध किया और इसके बाद जब छात्रों की परेशानी हल करनी थी, तब सीबीएसई अपने ही पोर्टल के ग्लिच ठीक करने में लगा था. ऑन स्क्रीन मार्किंग के लिए स्कैन की गई कॉपियों में गड़बड़ी से लेकर स्कैन करने वाली कंपनी पर उठ रहे सवालों के बीच बोर्ड और सरकार की खूब किरकिरी हो रही थी. ऐसे में अब सरकार ने बोर्ड के सबसे बड़े अधिकारियों के खिलाफ ये कार्रवाई की है.
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