'देर आए, दुरुस्त आए'... ये कहावत आपने कई बार सुनी होगी, लेकिन CBSE ने इसे भी पीछे छोड़ दिया. पिछले कई दिनों से चल रहे ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद से जुड़े हर मामले पर देर तो हुई, लेकिन दुरुस्त कुछ भी नहीं हो पाया. आखिरकार सरकार को एक्शन लेना पड़ा और अब सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह के साथ-साथ सचिव हिमांशु गुप्ता को हटा दिया गया है. अब कई लोग ये सोच रहे हैं कि सरकार ने अचानक अब जाकर इतना बड़ा फैसला क्यों लिया और जिस IAS अधिकारी राहुल सिंह को दो साल का एक्सटेंशन दिया गया, उसे हटाने पर मजबूर क्यों होना पड़ा.
देरी नहीं, लापरवाही बनी वजह?
CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर रिजल्ट के बाद से ही सवाल उठने लगे थे, इसके बाद बोर्ड के पास मौका था कि वो छात्रों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करे और उनकी चिंताओं को दूर करे. हालांकि हुआ इसका ठीक उल्टा, बोर्ड ने जैसे ही स्कैन कॉपी डाउनलोड करने वाली वेबसाइट एक्टिव की, वैसे ही उस पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा.
ब्लर स्कैन कॉपियों से लेकर कॉपियों की अदला-बदली और वेबसाइट में कई तरह के ग्लिच ने छात्रों को परेशान कर दिया. इसके बाद से ही सीबीएसई की किरकिरी होने लगी, शिक्षा मंत्री को सामने आकर कहना पड़ा कि गड़बड़ी हुई है और हम इसकी जिम्मेदारी लेते हैं. इसके बाद डैमेज कंट्रोल की पूरी कोशिश हुई और कुछ हद तक ये हो भी रहा था, लेकिन री-इवैल्यूएशन पोर्टल ने किए कराए पर पानी फेर दिया.
लेट लतीफी की पूरी टाइमलाइन
स्कैन कॉपी लेने और काफी जद्दोजहद करने के बाद छात्रों को री-इवैल्यूएशन का इंतजार था. पहले सीबीएसई ने बताया कि ये प्रोसेस 26 मई से शुरू हो जाएगा, लेकिन इसके बाद इसकी तारीख 29 मई कर दी गई. कहा गया कि IIT के एक्सपर्ट्स वेबसाइट पर काम कर रहे हैं, इसलिए थोड़ी देरी हो रही है. इसके बाद 29 मई को, यानी जिस दिन पोर्टल एक्टिव होना था, तब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनडीटीवी के साथ इंटरव्यू में बताया कि पोर्टल पर काम चल रहा है और वो आज की बजाय कल यानी 30 मई तक एक्टिव हो जाएगा.
Press Statement
— CBSE HQ (@cbseindia29) May 29, 2026
In order to ensure a transparent and glitch-free process for verification and re-evaluation of answer books of students who intend to submit their applications on the Post-Result Activities portal, it has been decided that the designated portal will now be…
सुबह लिंक एक्टिव होने के बाद एक बार फिर वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति पैदा हो गई. शुरुआती घंटों में वेबसाइट में ग्लिच देखे गए और कई छात्रों ने लॉगइन फेल होने या एरर दिखने जैसी शिकायतें कीं. बोर्ड लाख सफाई देता रहा, लेकिन अब इंतजार और सब्र की इंतहा हो चुकी थी. इससे पहले कि सरकार की और ज्यादा किरकिरी हो, सीबीएसई के दोनों बड़े अधिकारियों को हटाने का फैसला ले लिया गया. छात्रों की तरफ से लगातार बढ़ रहे दवाब और सिस्टम में हो रही गड़बड़ियों को ही इसकी सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है.
कौन हैं IAS राहुल सिंह? CBSE चेयरमैन के तौर पर 2027 तक मिला था एक्सटेंशन, अब सरकार ने हटा दिया